अयोध्या। राम मंदिर में 19 मार्च को प्रस्तावित नव संवत्सर समारोह को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। समारोह के लिए मेहमानों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी। इस बार आमंत्रण भेजने के लिए तीन अलग-अलग तरीकों का उपयोग किया जाएगा, ताकि किसी भी अतिथि तक सूचना पहुंचने में कोई बाधा न आए। यह निर्णय बृहस्पतिवार को तीर्थ क्षेत्र भवन में हुई समारोह की तैयारी बैठक में ले लिया गया।
समारोह की तैयारी की समीक्षा बैठक संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैया जी जोशी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्र, गोपाल राव समेत जिन सात प्रांतों से मेहमान बुलाए जाने हैं, उन सभी प्रांतों के क्षेत्र प्रचारक, समन्वयक, क्षेत्र समन्वयक समेत करीब 30 लोग शामिल रहे। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार अतिथियों को तीन तरीकों से निमंत्रण भेजने का निर्णय हुआ है। कूरियर, व्हाट्सएप और मोबाइल कालिंग के माध्यम से अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा।
आयोजन को गरिमामय और सुव्यवस्थित बनाने के लिए अतिथियों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सभी प्रांतों के पदाधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर मेहमानों की फाइनल सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। समारोह में सुरक्षा, आवास और यातायात व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन और ट्रस्ट के बीच लगातार बैठकों का दौर भी चल रहा है। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू का आना प्रस्तावित है।
राष्ट्रपति के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। इनके साथ ही करीब पांच हजार मेहमानों को आमंत्रित करने की योजना है। इनमें मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवक, दिवंगत हो चुके कारसेवकों के परिजन व साधु-संत भी शामिल होंगे। समारोह के एक दिन पहले ही सभी मेहमानों को अयोध्या पहुंचना होगा।