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Ayodhya News: चर्म रोग और मेडिसिन ओपीडी में मरीजों का तांता

Mon, 08 Dec 2025 09:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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2-मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन ओपीडी में मरीज का इलाज करते विशेषज्ञ।-संवाद
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अयोध्या। ठंड में जरा सी लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है। अस्पतालों में इसका दुष्प्रभाव दिखने लगा है। चर्म रोग, मेडिसिन और टीबी एंड चेस्ट विभाग में ठंड जनित बीमारियोंं के मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने इस मौसम में लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
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जिले में पिछले एक सप्ताह से ठंड का प्रकोप बढ़ रहा है। दिन का तापमान 23 और रात का 5.5 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। पिछले दो दिन से सुबह-शाम धुंध और हल्का कोहरा छाने लगा है। ऐसे में जरा सी लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। हमारी टीम ने सोमवार को मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल की ओपीडी का जायजा लिया तो इसका प्रकोप साफ नजर आया।
जिला अस्पताल के चर्म रोग विभाग में दोपहर 01:30 बजे तक 160 मरीज देखे गए थे। इनमें खुजली के सर्वाधिक 40 व सोरायसिस के लगभग 30 मरीज रहे। पिंपल्स के लगभग 15-20, एलर्जी के 10-15 व सिर में डैंड्रफ के कई मरीज आए। उधर, मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में दोपहर 12 बजे तक लगभग 114 मरीज देखे गए थे। इनमें बढ़े रक्तचाप के लगभग 20 मरीज रहे। इसके अलावा सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द आदि के मरीजों की तादाद अधिक रही।
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नहाने के बाद लगाएं नारियल या सरसों का तेल
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. आरबी वर्मा ने बताया कि शरीर में नमी कम होने से चर्मरोग बढ़ गया है। इससे बचाव के लिए सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से प्रतिदिन स्नान करें। स्नान के बाद नारियल या सरसों का तेल लगाएं। सिर में डैंड्रफ से बचाव के लिए सप्ताह में दो से तीन दिन शैंपू करें। खुजली होने पर परिवार के सभी लोग एक साथ इलाज कराएं, क्योंकि एक-दूसरे को बीमारी फैलने का खतरा अधिक रहता है। अपने कपड़े अलग रखें। इससे बचाव के लिए दिन में इनर पहनें, जिससे शरीर की नमी बरकरार रहेगी। गुनगुना पानी पियें, ताजा फल खाएं। किसी तरह की समस्या बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
रक्तचाप को न करें नजरअंदाज
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि ओपीडी में 15% रोगी रक्तचाप के आने लगे हैं। ज्यादातर लोगों में रक्तचाप का ऊपरी स्तर 8-10 व निम्न स्तर 5-7 मिमी. एचजी कम आ रहा है। इसे नजरअंदाज न करें। यदि नियमित रूप से दवा ले रहे हैं तो लक्षण के आधार पर दवाओं की खुराक बढ़ाएं। खानपान व जीवनशैली में बदलाव करें। आठ घंटे की नींद पूरी करें और हरी सब्जियों का सेवन करें। स्नान करते समय सबसे पहले सिर पर पानी न डालें, बल्कि पहले हाथ-पैर धुलें।

2-मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन ओपीडी में मरीज का इलाज करते विशेषज्ञ।-संवाद

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