20- भारत माता की आरती कर हिंदू सम्मेलन का उद्घाटन करते चंपत राय व महंत वैदेही बल्लभ, विधायक राम
भेलसर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विचार देश की स्वतंत्रता से पूर्व ही कार्य कर रहा था। विपरीत परिस्थितियों में भी इसके स्वयंसेवकों ने स्वदेश प्रेम के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। महापुरुषों से प्रेरणा लेते हुए देश के उत्थान के लिए गठित होकर सक्रियता से कार्य करने की आवश्यकता है। यदि हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भूले तो सनातन कमजोर हो जाएगा। यह बातें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रुदौली स्थित एक लॉन में आयोजित हिंदू सम्मेलन को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहीं।
वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें अपनी जड़ों को मजबूत रखना है, सदैव उससे स्वयं को संबद्ध रखना है। उन्होंने समाज में आ रही बुराइयों को भी चुनौतियों के तौर पर लेने का आह्वान करते हुए कहा कि हमें अपनी धरोहर को सुरक्षित रखते हुए आगे बढ़ना है। हमें भारत को प्रगति पर ले जाना है। भारत को नुकसान पहुंचाने वाली शक्तियां कभी भारत माता की संतान कही जाने का हक नहीं रखती। मुख्य अतिथि बावन मंदिर के महंत वैदेही बल्लभ शरण ने कहा कि हिंदू जनमानस को सक्रियता के साथ देश के विकास में भागीदारी करनी होगी। हमें अपने पूर्वजों, महापुरुषों, धार्मिक ग्रंथों के विचारों के साथ आने वाली पीढ़ी को भारत के लिए तैयार करना है। यदि हम संगठित हो जाएं तो भारत फिर से सोने की चिड़ियां कहलाएगा। कार्यक्रम में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले स्वर्गीय राम अचल गुप्ता सहित अन्य कारसेवकों के परिजनों को सम्मानित किया। संयोजक श्याम बाबू गुप्ता ने आभार ज्ञापित किया। संचालन आशीष शर्मा ने किया। विधायक रामचंद्र यादव ने अतिथियों का सम्मान किया। कार्यक्रम में महंत सत्य भारती, महंत सुग्रीव दास, किन्नर समाज की महामंडलेश्वर लवली सहित अन्य की मौजूदगी रही।