अयोध्या। अनियमित दिनचर्या से जिले के युवा भी तेजी से हाइपरटेंशन की चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग के लिए चलाए जा रहे अभियान में लगभग 27% युवाओं में हाइपरटेंशन के लक्षण मिले हैं। विशेषज्ञों ने इससे बचाव में जागरूकता को हथियार बताया है।
एक अनुमान के तहत जिले में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 11,37,727 लोग हैं। इनमें हाइपरटेंशन और शुगर की स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से गैर संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जाता है। कार्यक्रम के तहत एक अप्रैल से 16 मई तक जिले में 79,449 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिसमें 4,439 लोगों में हाइपरटेंशन के लक्षण मिले।
इनमें 2,304 लोगों का परीक्षण किया गया, जांच के बाद इनमें 1,206 लोगों में हाइपरटेंशन की पुष्टि हुई। इनमें 1,177 लोगों का इलाज शुरू किया गया। स्वास्थ्य टीम ने 120 लोगों का फॉलोअप लिया तो गाइडलाइन का अनुपालन करके छह लोगों ने हाइपरटेंशन नियंत्रित कर लिया। शेष का इलाज चल रहा है।
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एएनएम और सीएचओ करते हैं स्क्रीनिंग
जिला कार्यक्रम प्रबंधक रामप्रकाश पटेल ने बताया कि स्क्रीनिंग करने वाली टीम में एएनएम और सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) शामिल रहते हैं। आगे की जांच के लिए संबंधित को सीएचसी-पीएचसी पर रेफर किया जाता है। वहां से अधिकृत जांच के बाद इलाज शुरू होता है। टेली मेडिसिन के जरिये इनके बेहतर इलाज के टिप्स भी दिए जाते हैं।
हाई बीपी से दिल और दिमाग दोनों को खतरा
-मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि हाई बीपी का सीधा असर हृदय और मस्तिष्क पर पड़ता है। इसके अनियंत्रित रहने से हार्ट अटैक, स्ट्रोक, ब्रेन हेमरेज, किडनी फेलियर व अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। मोटापा, बाहर के खाने का बढ़ता चलन, खेलकूद की गतिविधियां न करना, व्यायाम, योगा आदि से दूरी, छोटी बातों में तनाव लेना, बेरोजगारी आदि युवाओं को कम उम्र में इसकी चपेट में आ रही हैं। इससे बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। एक घंटे तक योगा करें। किसी तरह का तनाव न लें। दोस्तों के साथ समय बिताएं। टीवी, मोबाइल आदि से दूरी बनाएं। न्यूज पेपर, अच्छी मैगजीन आदि की ओर रुचि बढ़ाएं। आउटडोर गेम आदि की ओर रुख करें।