अयोध्या। दहेज के लिए उत्पीड़न और घर से निकालने के मामले में पति व सास को सबूत के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया। यह फैसला महिलाओं के मुकदमों के शीघ्र निस्तारण के लिए बनाई गई फास्ट ट्रैक कोर्ट से पारित हुआ है। अभियोजन के अनुसार थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के छोटा रमना निवासी मनीष का विवाह वर्ष 2016 में अंजली के साथ हुआ था। विवाह में मिले दहेज से अंजली के ससुराल वाले खुश नहीं थे। दो लाख दहेज की मांग करने लगे। दहेज की मांग पूरी न होने पर 16 फरवरी 2022 को अंजली के ससुराल वालों ने पहले पेट्रोल डालकर जला देने का प्रयास किया । जब अगल-बगल के लोग आ गए तो घर से निकाल दिया। घटना की रिपोर्ट महिला थाना में पति मनीष सास कल्पना,जेठ अश्वनी ,जेठानी दीप्ति व ननद शिवानी के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमा की विवेचना के बाद पति व सास के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। अभियोजन पक्ष से दो गवाह अदालत में पेश किए गए। न्यायालय ने अभियोजन व आरोपी पक्ष के अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद मुकदमा के आरोपी मनीष व कल्पना को सबूत के अभाव में सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।