अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में जेल में निरुद्ध आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाता में संपूर्ण निकासी पर पुलिस की ओर से लगाई गई रोक पर बृहस्पतिवार को भी फैसला नहीं आ पाया। जबकि अदालत ने 27 जुलाई को पारित किए गए आदेश में आरोपी के पेंशन बैंक खाता से 26 जून के बाद जमा निकासी पर लगी रोक हटा दी थी। इस मामले में अब अगली सुनवाई तीन अगस्त को होगी।
विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट रजत वर्मा की अदालत में बृहस्पतिवार को विवेचक आशुतोष तिवारी पेश हुए। वहीं, आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की ओर से पैरवी कर रहे लीगल एड डिफेंस कौंसिल डिप्टी चीफ कुलशेखर सिंह ने पेंशन खाता पर लगी रोक को अवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी ने अदालत में भ्रामक आख्या पेश कर कोर्ट को गुमराह करने की नीयत से अपुष्ट तथ्यों को प्रस्तुत किया है। पेंशन खाता पर रोक लगाने के बाद कोर्ट को किस तारीख पर सूचना दी गई है यह भी नहीं बताया गया है। यहां तक कि बिना किसी आदेश के पेंशन खाता को फ्रीज कर सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का खुला उल्लंघन किया गया है। मामले की विवेचना कर रहे आशुतोष तिवारी ने अदालत में यह भी स्पष्ट नहीं किया कि पेंशन खाता की कौन सी धनराशि संदिग्ध है। सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन बैंक खाता का वर्ष 2025 से लेकर 30 जून 2026 तक का विवरण भी बचाव पक्ष की ओर से पेश किया गया।
विशेष न्यायाधीश ने आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की ओर से प्रस्तुत आपत्ति पर विशेष अभियोजन अधिकारी को अपना पक्ष रखने के लिए तीन अगस्त तक का समय दिया है। जेल में निरुद्ध रामजन्म भूमि मंदिर चढ़ावा धनराशि चोरी के आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की ओर से 18 जुलाई को कोर्ट में अर्जी देकर पेंशन बैंक खाता को संचालित किए जाने का आदेश पारित किए जाने की मांग की गई थी। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि सेवानिवृत्त होने के बाद मिलने वाली पेंशन का बैंक खाता को फ्रीज कर दिए जाने से परिवार का जीवनयापन व मासिक किस्तें जमा हो पाना संभव नहीं हो पा रहा है।