हनुमतनगर। भरतकुंड स्थित नंदीग्राम मणिराम दास छावनी में सात दिवसीय भागवत कथा चल रही है। प्रवाचक संपूर्णानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को समझाया कि सच्चे मन से भक्ति करने पर भगवान स्वयं भक्तों से मिलने पहुंच जाते हैं।
संपूर्णानंद महाराज ने बताया कि संसार में भटके जीवों को परमात्मा की शरण तक ले जाने के लिए भक्ति एक प्रकाश पुंज है। मनुष्य इससे भव बंधनों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त कर सकता है। परमात्मा की भक्ति नीति और धर्म का पालन करने से ही मिलती है। जीवन में संस्कार से दिव्यता आती है। भारतीय संस्कृति से जुड़ने पर विकृतियों का दमन होता है। महाराज ने ध्रुव का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि ध्रुव पांच साल की उम्र में भगवान को पा सकते थे। इसलिए हम भी ऐसा कर सकते हैं। कथा में व्यवस्थापक महंत परमात्मा दास सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।