अयोध्या। जिले में इन दिनों सड़क हादसों के कारण फ्रैक्चर होने की स्पीड फुल हो गई है। इस वजह से अस्पतालों के अस्थि रोग विभाग की ओपीडी से ओटी तक मरीजों की कतार है। यहां उन्हें शारीरिक कष्ट तो झेलना ही पड़ रहा है, आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। विशेषज्ञ लोगों से सावधानी बरतने की अपील की कर रहे हैं।
विभिन्न परियोजनाओं के साथ जिले का विकास खूब हो रहा है। हर तरफ सड़कों का जाल बिछ रहा है। इन सड़कों से यातायात सुगम हुआ है, लेकिन लापरवाही और नशा करने के बाद वाहन चलाने के दुष्परिणाम भी सामने आ रहे हैं। यही वजह है कि इन दिनों सड़क हादसों के कारण फ्रैक्चर की बाढ़ सी आ गई है। मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला स्तरीय अस्पतालों के अस्थि रोग विभाग में ऐसे ही मरीजों की भरमार है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले तीन माह में हड्डियों के ऑपरेशन खूब बढ़े हैं। हर माह इसका आंकड़ा तीन सौ पार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से जून तक जिले में हड्डियों के 995 ऑपरेशन हो चुके हैं। वहीं, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 748, जनरल सर्जन के 563, नेत्र रोग विभाग में 313, दांत से जुड़े 115 और ईएनटी के 97 ऑपरेशन हुए हैं।
पहले हड्डियां टूटने के बाद ज्यादातर लोग प्लास्टर से ठीक होते थे। अब लेकिन ऐसा नहीं है। अब अस्पताल पहुंचने वाले लगभग हर दूसरे-तीसरे रोगी को चिकित्सक ऑपरेशन की सलाह दे रहे हैं। मरीज भी पूर्ण स्वस्थ होने के चक्कर में शीघ्र ही ऑपरेशन को राजी हो जाता है।
सरकारी अस्पतालों में हड्डियों के ऑपरेशन में लगने वाले इम्प्लांट की आपूर्ति नहीं होती है। स्टील और टाइटेनियम के इम्प्लांट के नाम पर अमूमन 20 से 28 हजार रुपये तक लगते हैं। वहीं, निजी अस्पतालों में इसका कोई मानक नहीं है। इसके लिए मरीजों को 30 हजार से एक लाख रुपये तक चुकाने पड़ते हैं।
सामान्य रूप से फ्रैक्चर होने पर प्लास्टर से काम चल जाता है। सरकारी अस्पतालों में इसके लिए 268 रुपये की रसीद से काम चल जाता है। वहीं, निजी अस्पतालों में इसके लिए दो हजार रुपये तक लिए जाते हैं। इसमें फाइबर का प्लास्टर लगाने पर मरीज चल भी सकता है।
मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद आर्या ने बताया कि कम उम्र के बच्चों की हड्डियां जल्दी जुड़ती हैं। वहीं, 18 से 50 साल तक के लोगों को लगभग आठ हफ्ते व इससे अधिक के लोगों को 10 हफ्ते तक लगते हैं। नशा करने वालों की हड्डियां जुड़ने में अधिक समय लगता है। आमजन से अपील है कि यातायात के नियमों का पालन करें। सावधानीपूर्वक वाहन चलाएं। स्लिप करने वाली जगहों पर सावधान रहें। खानपान पर विशेष ध्यान रखें।