अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व लेखा प्रभारी ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय समेत कई अधिकारियों को शिकायत भेजी है। 16 अगस्त को भेजी गई शिकायत में उन्होंने 18 अगस्त को ट्रस्ट को सौंपी गई एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट, पूर्व महासचिव चंपत राय की भूमिका और पूर्व में उनके ओर से की गई शिकायत पर कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि 18 अगस्त 2026 को एसआईटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, अयोध्या को प्रस्तुत की है। शिकायत में पूर्व लेखा प्रभारी ने दावा किया है कि यदि उनकी शिकायत पर कार्रवाई की गई होती तो तत्कालीन ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को ‘क्लीन चिट’ नहीं मिल सकती थी। पूर्व लेखा प्रभारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने पुरानी एसआईटी को स्वीकार नहीं करते हुए नई एसआईटी गठित की थी। इसके बावजूद, उनके अनुसार, नई एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को भेजे जाने पर भी सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पूछा है कि यदि एसआईटी उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति उत्तरदायी थी तो उसकी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को क्यों भेजी गई।उन्होंने अपनी पूर्व शिकायत पर हुई कार्रवाई से अवगत कराने की मांग की है।