अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में होने वाला नव संवत्सर समारोह इस बार इतिहास, स्मृति और सम्मान का अनुपम संगम बनेगा। भूले-बिसरे कारसेवक, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन के दौर में त्याग और तपस्या का परिचय दिया, उन्हें विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा।समारोह में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से करीब 4000 मेहमानों को बुलाने की तैयारी है।
राम मंदिर आंदोलन 1984 से 2001 तक चरम पर रहा। इस दौरान जो संगठन में संघर्ष के साथी रहे, उन्हें बुलाने की योजना है। संगठन का मानना है कि यदि आज संघर्ष की सुखद परिणति मंदिर निर्माण के रूप में हुई है तो उसमें ऐसे गुमनाम कारसेवकों की बड़ी भूमिका है। वर्षों से गुमनामी में रहे इन कारसेवकों को सम्मानित कर उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से स्मरण किया जाएगा। राम मंदिर ट्रस्ट के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार संघ की दृष्टि से उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड सात प्रांतों में बंटा है। उत्तर प्रदेश काशी, अवध, गोरक्ष व कानपुर प्रांत में विभक्त है जबकि उत्तराखंड मेरठ, बुंदेलखंड व ब्रज क्षेत्र में विभक्त है। इन सात प्रांतों में इस समय संघ के 36 आनुषांगिक संगठन काम कर रहे हैं। इन 36 संगठनों के प्रांतीय व क्षेत्रीय टोली के सदस्य भी समारोह में आमंत्रित किए जाएंगे।
आयोजन को भावनात्मक और गरिमामय स्वरूप देने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संघ और विहिप कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र के जिलों व तहसीलों स्तर पर ऐसे कारसेवकों की पहचान कर उनसे संपर्क करेंगे, ताकि कोई भी समर्पित रामभक्त इस ऐतिहासिक अवसर से वंचित न रह जाए। मेहमानों की सूची बनाने के लिए संघ व विहिप के 90 कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है। आयोजन समिति का उद्देश्य है कि नव संवत्सर के पावन अवसर पर राम मंदिर आंदोलन के साक्षी रहे साधारण कार्यकर्ताओं को असाधारण सम्मान मिले।
इनसेट
समारोह में नया प्रयोग करने की तैयारी
नव संवत्सर समारोह में इस बार नया प्रयोग करने की तैयारी है। समारोह के दौरान आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर कोई रोक नहीं होगी। दर्शन सुचारु रूप से चलता रहे इसकी योजना बनाई जा रही है। अब तक हुए बड़े समारोह के दौरान मंदिर में आम श्रद्धालुओं के दर्शन पर रोक रहती थी, लेकिन इस बार बिड़ला धर्मशाला से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। तय हुआ है कि मंदिर के उत्तर दिशा में समारोह का पंडाल बनाया जाएगा। यहां पांच हजार मेहमानों के बैठने की व्यवस्था होगी।