अयोध्या। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि समग्र शिक्षा के माध्यम से उद्यम के साथ शिक्षा प्राप्त हो। देश के निर्माण में युवाओं का सक्षम व्यक्तित्व बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उद्यमी बनकर युवा देश को आगे बढ़ाएंगे। नई शिक्षा नीति के तहत कक्षाओं में सिर्फ थ्योरी ही नहीं पढ़नी है। यह इंडस्ट्री में काम करने के लिए सक्षम भी बनाएगी। राष्ट्र निर्माण के लिए युवाओं को कर्मयोगी बनना होगा।
कृषि मंत्री डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में शुक्रवार को यूजीसी की ओर से आयोजित विकास-2025 कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को मुख्य अतिथि के रूप में ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षा में बदलाव और कौशल विकास स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक पहुंचे। भारत उद्योग समर्थ शिक्षा की ओर बढ़े। भारत की नई शिक्षा नीति मानव पूंजी को सशक्त करेगी। शिक्षक ज्ञान और मार्गदर्शन के रूप में युवाओं के भविष्य का निर्माण करेंगे।
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि नई शिक्षा नीति का निर्माण दूरगामी सोच के तहत किया गया है। इससे युवाओं को शिक्षा के साथ उद्यमी बनने में मदद मिलेगी। यूजीसी के सचिव डॉ. मनीष जोशी ने कहा कि जिस प्रकार की शिक्षा की आवश्यकता है, उसी प्रकार इसका निर्माण हो। कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में नित्य नए आयाम जुड़ रहे हैं। खाद्य सुरक्षा के मामले में भारत आत्मनिर्भर बन रहा है।
यूजीसी के संयुक्त सचिव डॉ. अभिषेक कपूर ने कहा कि भारत ज्ञान के क्षेत्र में दुनिया का अग्रणी देश बने, इसके लिए हम सभी को काम करना है। शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए गुणवत्तापरक शोध कार्य हों। जिस तरफ युवा चलते हैं, उधर देश की धारा होती है। इसलिए हमें विकसित भारत के लिए सभी युवाओं को समर्थवान बनाना होगा। इस दौरान प्रो. यशवंत सिंह, प्रो. सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो. आशुतोष सिंह, प्रो. विनोद श्रीवास्तव व प्रो. संजय पाठक मौजूद रहे।