अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के तहत मंगलवार को एसआईटी की दो सदस्यीय ऑडिट टीम ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में ट्रस्ट के बैंक खातों और लॉकरों का विस्तृत सत्यापन किया। सुबह करीब नौ बजे शुरू हुई कार्रवाई रात नौ बजे तक चली। ऑडिट टीम में एक फोरेंसिक ऑडिटर और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) शामिल रहे।
चढ़ावा चोरी मामले की जांच के लिए गठित नई एसआईटी के अधिकारियों की बैठक मंगलवार को होने की चर्चा थी। हालांकि, अधिकारियों ने भौतिक रूप से कहीं जांच नहीं की लेकिन उनकी ऑडिट टीम सुबह करीब नौ बजे ही एसबीआई पहुंची। इस दौरान ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन के साथ खातों के संचालन के लिए अधिकृत जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय भी मौजूद रहे।
बैंक अधिकारियों की उपस्थिति में ट्रस्ट के खातों के संचालन, अधिकृत हस्ताक्षरों, बैंक अभिलेखों, भुगतान प्रक्रिया और लॉकरों में सुरक्षित दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड का मिलान किया गया। सूत्रों के अनुसार, ऑडिट टीम ने बैंक स्टेटमेंट, भुगतान संबंधी अभिलेख, अधिकृत हस्ताक्षर, खातों के संचालन की प्रक्रिया और लॉकर में सुरक्षित दस्तावेजों का बिंदुवार परीक्षण किया। वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड का बैंक के अभिलेखों से मिलान कर उनकी सत्यता की पुष्टि की गई। आवश्यकता पड़ने पर कई दस्तावेजों की प्रतियां और तकनीकी विवरण भी संकलित किए गए।
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ट्रस्ट की बैंकिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद
सूत्रों के अनुसार यह पूरी कवायद ट्रस्ट की बैंकिंग व्यवस्था को व्यवस्थित करने के साथ-साथ वित्तीय रिकॉर्ड के सत्यापन के उद्देश्य से की गई। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि निर्माण एजेंसियों के भुगतान, कर्मचारियों के वेतन और अन्य वित्तीय दायित्व भविष्य में बिना किसी व्यवधान के समय पर पूरे होते रहें। वहीं, सूत्रों के मुताबिक ऑडिट टीम अपनी जांच रिपोर्ट एसआईटी को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को दिनभर चली इस कार्रवाई के दौरान बैंक परिसर में गोपनीयता बरती गई और जांच से जुड़े अधिकारी किसी भी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से बचते रहे।
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ट्रस्ट के पदाधिकारी तीन दिन से कर रहे सत्यापन
सूत्रों के अनुसार राम मंदिर में दान स्वरूप मिलने वाले उपहार, जेवर आदि के लिए एसबीआई में करीब सात वर्ग फुट का लॉकर आरक्षित किया गया है। पिछले तीन दिन से अंतरिम महासचिव के नेतृत्व में ट्रस्ट से जुड़े लोग करीब पांच घंटे तक लॉकर की वस्तुओं का सत्यापन कर रहे हैं। उनके साथ एक फोटोग्राफर भी रहता है, जो पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कर रहा है। दान में मिली सोने-चांदी की ईंटों व अन्य उपहारों का मिलान करके इसकी रिपोर्ट भी एसआईटी को सौंपने की चर्चा है। हालांकि, इस बारे में बैंक से जुड़े लोग कुछ भी बोलने से इन्कार कर रहे हैं।