अयोध्या। दामाद की हत्या के आरोपी सास-ससुर समेत पांच आरोपियों को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया गया है। यह फैसला जिला सत्र न्यायाधीश गौरव कुमार श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को सुनाया है।
अभियोजन कथानक के मुताबिक थाना इनायतनगर के अहिरौली सलोनी निवासी मातादीन के पुत्र सोहनलाल की शादी वर्ष 2007 में ठुन्नू का पुरवा धमौलिया निवासी राम अधार की पुत्री मीना से हुई थी। मीना अपनी दो पुत्रियों के साथ मायके चली गई तो उसे विदा कराने सोहनलाल गया था। लेकिन वह 12 दिन तक वापस नहीं लौटा। उनके पिता मातादीन की तहरीर पर चार दिसंबर, 2019 को थाना इनायतनगर में अपहरण का केस दर्ज हुआ था।
16 दिसंबर, 2019 को बेल्हना जंगल में एक शव मिला, जिसकी सोहनलाल के रूप में हुई। विवेचना के बाद ससुर राम अधार, उनके दो पुत्रों प्रदीप कुमार व अमरजीत, सास फूलकला व पत्नी मीना के विरुद्ध अपहरण कर हत्या समेत कई गंभीर अपराधों में आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। अभियोजन पक्ष से कोर्ट में नौ गवाह पेश हुए। मृतक की बिसरा रिपोर्ट में भी किसी प्रकार के विष मिलने की पुष्टि नहीं हुई। वादी मातादीन ने बयान दिया कि जंगल में जो लाश पाई गई थी, वह सड़-गल गई थी, केवल हड्डी बची थी। शव उसके पुत्र का ही था, साबित नहीं कर पाया।
जिला सत्र न्यायाधीश ने सबूत के अभाव में सभी आरोपियों को दोष मुक्त करते हुए बाइज्जत बरी कर दिया।