9-मेडिकल कॉलेज की टीबी एंड चेस्ट ओपीडी में मरीज देखते विभागाध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा।-संवाद
अयोध्या। दीपावली पर दो दिन तक हुई आतिशबाजी ने हवा में जहर घोल दिया है। इसकी वजह से प्रदूषण इतना बढ़ा कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) दो दिन में ही लगभग दोगुना पहुंच गया है। इससे लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई। खासतौर से पहले से सांस संबंधी समस्याओं का इलाज करा रहे लोगों को और समस्याएं झेलनी पड़ीं।
धनतेरस के बाद से दीपावली का आगाज हो गया। रविवार को हुए दीपोत्सव से ही जमकर आतिशबाजी होने लगी। आस्था के सैलाब में डूबे लोगों ने उत्साहित होकर खूब पटाखे फोड़े। रविवार से शुरू हुआ यह सिलसिला मंगलवार तक नहीं थमा और रात दो बजे तक विभिन्न इलाकों में आतिशबाजी होती रही। इसने लोगों को उमंग और उल्लास से सराबोर जरूर किया, लेकिन लोगों की सेहत पर भी असर डाला है।
इसका अंदाजा पिछले तीन में बिगड़े वायु गुणवत्ता सूचकांक से लगाया जा सकता है। शनिवार की शाम लगभग छह बजे जिले का एक्यूआई 170 दर्ज हुआ था। सोमवार की रात 10 बजे यह 266 व मध्यरात्रि में एक बजे 300 दर्ज किया गया। मंगलवार की दोपहर तीन बजे यह घटकर 162 पहुंचा, लेकिन शाम से फिर बढ़ने लगा। शाम छह बजे 215, आठ बजे 252, रात 11 बजे 292 रिकॉर्ड हुआ।
बुधवार की सुबह लोग उठे तो आसमान में प्रदूषण के कारण धुंध छाई रही। सुबह पांच बजे एक्यूआई 279 दर्ज हुआ, जिसमें ही लोगों ने सुबह की सैर की। इससे सामान्य लोगों को भी सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई तो पहले से बीमार लोग और परेशान हुए। जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की टीबी एंड चेस्ट ओपीडी में भी पटाखों से हुए प्रदूषण से प्रभावित होकर कई मरीज पहुंचे।
मेडिकल कॉलेज के टीबी एंड चेस्ट विभागाध्यक्ष डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि अस्थमा और सीओपीडी समेत अन्य श्वास संबंधी बीमारियों से ग्रसित लोग सुबह की सैर में सावधानी बरतें। मुंह पर मास्क लगाकर ही बाहर निकले। समय पर दवाओं का सेवन करें। समस्या बढ़ने पर नजरअंदाज न करें और चिकित्सक से संपर्क करें।