अयोध्या। जिले के तीन अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था दुरुस्त करने की कवायद शुरू हुई है। शासन की ओर से इन अस्पतालों में फायर सेफ्टी से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए 82.27 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। सबसे अधिक 47.27 लाख रुपये जिला महिला अस्पताल के 100 बेड एमसीएच विंग के लिए स्वीकृत किए गए हैं, जहां हाल ही में शॉर्ट सर्किट से आगजनी हुई थी।
जिले के सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन हजारों मरीज और तीमारदार आते हैं। इनमें महिला अस्पताल का एमसीएच विंग सबसे संवेदनशील इकाइयों में शामिल है, जहां प्रसूताओं और नवजातों का इलाज होता है। कुछ समय पहले इसी भवन में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना के बाद अस्पतालों की अग्निशमन व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। अब शासन ने अस्पतालों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की दिशा में व्यय कार्ययोजना को मंजूरी देकर निर्माण कार्यों का रास्ता साफ कर दिया है।
22 जुलाई को जारी शासनादेश के अनुसार, प्रदेश के 44 जिलास्तरीय अस्पतालों में अग्निशमन व्यवस्था से जुड़े निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इनमें जिले का महिला अस्पताल, श्रीराम चिकित्सालय और भगवान ऋषभदेव नेत्र चिकित्सालय भी शामिल है।
1.64 करोड़ की है परियोजना
शासनादेश के मुताबिक, एमसीएच विंग की 94.54 लाख रुपये की परियोजना के सापेक्ष इस वित्तीय वर्ष में 47.27 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं, भगवान ऋषभदेव नेत्र चिकित्सालय में 20 लाख रुपये की परियोजना के सापेक्ष 10 लाख रुपये और श्रीराम चिकित्सालय में 50 लाख रुपये की परियोजना के सापेक्ष 25 लाख रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत की गई है।
फायर ऑडिट में मिली थी खामियां
महिला अस्पताल में आग लगने के बाद अग्निशमन विभाग ने इसकी फायर ऑडिट कराई थी। उस दौरान बड़े पैमाने पर खामियां मिली थीं। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. विभा कुमारी ने बताया कि छोटी कमियों को अस्पताल के स्थानीय मद से दूर कर लिया गया, लेकिन शेष कार्यों के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। आगे का कार्य कार्यदायी संस्था उप्र राजकीय निर्माण की ओर से कराया जाएगा।