अयोध्या। इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। ऐसे में जरा सी लापरवाही लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है और वह उल्टी-दस्त व अन्य संक्रामक रोगों की चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। आलम यह है कि पिछले 24 घंटे में जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त के ही 12 मरीज भर्ती हो चुके हैं। मरीजों की इसी भीड़ से अब मेडिकल वार्ड फुल हो गया है। मरीजों को वार्ड के बाहर गैलरी तक में लेटाना पड़ रहा है।
दिन का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। इस चटख धूप से बचाव के इंतजाम किए बगैर लोग घर से निकल लेते हैं। इस वजह से वह डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं। जबकि, शादी-विवाह में भोजन के जरिए भी कुछ बैक्टीरिया लोगों के शरीर में घुसकर उन्हें बीमार कर रहे हैं।
212 बेड के जिला अस्पताल में 34 बेड का मेडिकल वार्ड बना है। यहां मेडिसिन विभाग से संबंधित मरीजों को भर्ती किया जाता है। रविवार को यह मरीजों से खचाखच भरा मिला। इसमें 12 मरीज उल्टी-दस्त व दो मरीज तेज बुखार के थे। जबकि, कुछ मरीजों में पीलिया व अन्य समस्याएं भी बताई गईं। वार्ड में जगह न होने से चार मरीज वार्ड के बाहर की गैलरी में भर्ती मिले। वहीं, आठ मरीजों को पूर्व के महिला वार्ड में भर्ती किया गया। इस तरह से मेडिसिन विभाग में 46 मरीज भर्ती मिले।
ओपीडी में भी इसी तरह के मरीजों की भरमार
मेडिकल कॉलेज के फिजीशियन डॉ. वीरेंद्र वर्मा ने बताया कि ओपीडी में भी उल्टी-दस्त समेत अन्य संक्रामक रोगियों की संख्या अधिक है। वहीं, वार्ड में लगभग 10 फीसदी मरीज उल्टी-दस्त के ही भर्ती हैं।
हीट स्ट्रोक का अब बढ़ रहा खतरा
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि जिस तरह से सूरज का ताप लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अब हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ने लगा है। इसके शुरुआती लक्षण भी अब मरीजों में दिखने लगे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की है एडवाइजरी
हीट स्ट्रोक (लू) से बचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसके अनुसार घर से निकलें तो अपने साथ पानी की बोतल रखें। समय-समय पर सादा जल, नीबूं पानी, छांछ व ओआरएस का प्रयोग कर खुद को तरोताजा रखें। तेज धूप से बचें, काला चश्मा व छाता का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। अधिक देर तक धूप में न रहें। अत्यधिक चाय, कॉफी या कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक का सेवन न करें। नशीले पदार्थ व शराब का सेवन न करें। बासी भोजन न करें। नंगे पैर बाहर न निकलें। समस्या होने पर नजदीकी अस्पताल में चिकित्सक से संपर्क करें।
गर्मी से बीमार हो रहे मरीज पहुंच रहे सीएचसी
भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों के भी सरकारी व निजी अस्पतालों में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। सीएचसी बीकापुर में अधिकांश मरीज इन्हीं समस्याओं से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। सीएचसी की ओपीडी में 250 से 300 मरीजों का प्रतिदिन रजिस्ट्रेशन हो रहा है। इसमें से करीब 70 फीसदी मरीज उल्टी, दस्त, शरीर दर्द व चर्म रोग के आ रहे हैं। जबकि अस्पताल के इमरजेंसी में भी 25 से 30 मरीज रोज पहुंच रहे हैं। करीब 30 से 35 मरीजों को रोज भर्ती करके उपचार किया जा रहा है। अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए चार बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है। अस्पताल में ग्लूकोज, ओआरएस पाउडर और पर्याप्त दवाइयां मौजूद हैं।
मिल्कीपुर सीएचसी में बनाया गया कोल्ड रूम
प्रचंड गर्मी के बीच चल रही हीट वेव को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मिल्कीपुर अलर्ट हो गया है। अस्पताल के मुख्य भवन में एक छह बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है। इसमें मरीज को संतुलित तापमान में रखने के लिए कूलर की व्यवस्था अस्पताल प्रशासन की ओर से की गई है। भीषण गर्मी के बीच वायरल फीवर और उल्टी- दस्त के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। सीएचसी अधीक्षक डॉ़ प्रदीप ने बताया कि हीट वेव से निपटने के लिए कोल्ड रूम में सारी दवाएं व्यवस्थित कर रखी गई हैं। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया गया है।