अयोध्या। मंडी परिषद, गोंडा के पूर्व उप निदेशक (निर्माण) रामनरेश सोनकर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में अयोध्या विजिलेंस टीम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। शासन के निर्देश पर हुई खुली जांच में उनकी ज्ञात और वैध आय की तुलना में 45 लाख 61 हजार 427 रुपये अधिक व्यय सामने आया है।
शासन के सतर्कता अनुभाग ने चार फरवरी 2021 को रामनरेश सोनकर के खिलाफ परिसंपत्तियों से संबंधित खुली जांच अयोध्या विजिलेंस टीम को सौंपी थी। जांच पूरी होने के बाद अंतिम आख्या शासन को भेजी गई। इसमें जांच अवधि के दौरान उनकी आय और खर्च का मिलान किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसेवक के रूप में कार्य करते हुए सोनकर को विभिन्न स्रोतों से कुल 67 लाख 82 हजार 681 रुपये की आय हुई। इसके मुकाबले पारिवारिक भरण-पोषण, विभिन्न संपत्तियों के अर्जन और निवेश पर एक करोड़ 13 लाख 44 हजार 108 रुपये खर्च किए गए। इस तरह उनकी ज्ञात एवं वैध आय की तुलना में 45 लाख 61 हजार 427 रुपये का अनानुपातिक व्यय पाया गया।
जांच के दौरान इस अतिरिक्त व्यय और परिसंपत्तियों के अर्जन के संबंध में सोनकर की ओर से कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया। शासन के 15 जुलाई के आदेश के बाद सतर्कता अधिष्ठान के पुलिस उपाधीक्षक राय साहब यादव ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के अयोध्या सेक्टर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। रिपोर्ट में सोनकर का पता कानपुर नगर के विकासनगर का दर्ज है। मामले की विवेचना सतर्कता अधिष्ठान कर रहा है।