अयोध्या। अब लोगों में बचाकर और बिल चुकाकर बिजली उपयोग करने की अवधारणा विकसित हो रही है। शायद यही वजह है कि पिछले वर्षों की तुलना में बिजली के राजस्व ने रिकॉर्ड तोड़ा है। उपभोक्ताओं ने इस वर्ष कम यूनिट खर्च करके अपेक्षाकृत अधिक भुगतान किया है, जिससे बिजली निगम को फायदा हुआ है।
जिले के 53 बिजली उपकेंद्रों में लगभग 5.01 लाख बिजली उपभोक्ता पंजीकृत हैं। पिछले वर्षों में उपभोक्ता बिजली तो धड़ल्ले से खर्च करते थे, लेकिन देनदारी चुकाने में पीछे रहते थे। इस वजह से बिजली निगम हर साल घाटे में रहता था। उपभोक्ताओं पर बकायेदारी का बोझ चढ़ता रहता था। पिछले कुछ वर्षों से बिजली खपत कम करने के लिए विभिन्न स्तरों पर कई प्रयास हुए।
व्यवस्था को आधुनिक किया गया, जिनके बेहतर परिणाम अब सामने आने लगे हैं। लोगों में बिजली खपत कम करने के साथ ही समय पर बिल जमा करने की प्रवृत्ति विकसित हो रही है। बिजली निगम के दो वर्ष के आंकड़े इन दावों की पुष्टि कर रहे हैं। इसके अनुसार जनवरी, 2025 तक जिले में 124.3 करोड़ यूनिट बिजली खपत की गई। इसके सापेक्ष 452 करोड़ रुपये जमा हुए थे। जनवरी, 2026 में 119.4 करोड़ यूनिट बिजली खर्च हुई, जिसके सापेक्ष 480 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। इस तरह राजस्व में लगभग 6.2% इजाफा हुआ है।
इनसेट
शहरी क्षेत्र से बढ़ा ग्राफ
गत वर्ष शहरी क्षेत्र में 40.6 करोड़ यूनिट बिजली जलाकर 243 करोड़ रुपये जमा किए थे। इस तरह गत वर्ष शहरी उपभोक्ताओं ने प्रति यूनिट 5.99 रुपये बिजली बिल दिया था। इस बार इन उपभोक्ताओं ने 40 करोड़ यूनिट बिजली खर्च करके 252 करोड़ रुपये चुकाए हैं। इस बार प्रति यूनिट 6.29 रुपये बिल दिया गया है।
मिल्कीपुर और रुदौली में भी बढ़ा राजस्व
हर साल बिल जमा करने में फिसड्डी रहने वाले मिल्कीपुर और रुदौली डिवीजन में भी राजस्व बढ़ा है। गत वर्ष दोनों डिवीजन में क्रमश: 24.7 करोड़ व 22.1 करोड़ यूनिट बिजली खपत हुई थी और 51 करोड़ व 60.62 करोड़ बिल जमा हुआ था। इस बार दोनों डिवीजन ने क्रमश: 23.2 करोड़ व 20.6 करोड़ यूनिट बिजली जलाकर क्रमश: 56.76 करोड़ व 66.73 करोड़ रुपये राजस्व जमा किया है। इस तरह दोनों डिवीजन के राजस्व में क्रमश: 11.1% व 10.1% वृद्धि हुई है।
अधीक्षण अभियंता विनय कुमार ने बताया कि अनावश्यक बिजली खपत कम करके समय पर बिल चुकाने के लिए उपभोक्ताओं को जागरूक किया जा रहा है। इसके बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्हें भी समय पर बिल चुकाने के लिए तत्पर रहना चाहिए।