भेलसर। सीएचसी रुदौली से रेफर होने के बाद सड़क किनारे प्रसव के मामले में सीएमओ ने कार्रवाई की है। उन्होंने आरोपी महिला चिकित्सक को सीएचसी से हटाकर उनके खिलाफ जांच बैठाई है। जांच के बाद अग्रिम कार्रवाई की चेतावनी दी है।
रुदौली केे ग्राम बहरास निवासी राजकुमारी को परिजन प्रसव के लिए शुक्रवार को सीएचसी रुदौली लाए थे। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक ने मरीज की खून जांच रिपोर्ट देखी और खून की कमी का हवाला देते हुए रेफर कर दिया। परिजन निजी वाहन से महिला को लेकर रवाना हुए और कुछ दूर ही चलने पर प्रसव पीड़ा बढ़ गई। गाड़ी किनारे खड़ी करके महिला को झाड़ी के पास ले गए और आसपास की महिलाओं की मदद से वहीं पर प्रसव कराया गया।
चिकित्सकों की संवेदनहीनता का यह मामला शनिवार के अंक में समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ तो स्वास्थ्य विभाग के संस्थागत प्रसव के दावों की किरकिरी हुई। शनिवार को अयोध्या दौर पर आए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के समक्ष मीडिया ने यह मुद्दा उठाया तो उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। इसके बाद सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बनियान ने डॉ. अंजू जायसवाल को सीएचसी रुदौली से हटाकर सीएचसी मवई भेजा है।
उनके स्थान पर सीएचसी मवई में तैनात डॉ. रीना मिश्रा को भेजा गया है। दोनों चिकित्सकों को उन्होंने तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया है। सीएमओ ने बताया कि मामले में जांच कमेटी गठित है। जांच आख्या मिलने पर अलग से कार्रवाई की जाएगी। वहीं रुदौली प्रतिनिधि के मुताबिक विधायक रामचंद्र यादव ने महिला से मुलाकात कर उसका हाल जाना। उन्होंने महिला को आर्थिक सहायता भी दी।