रहीमगंज पहुंचे विधायक रामचंद्र यादव।
शुजागंज/रुदौली। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रहीमगंज में मक्के के खेत की रखवाली कर रहे 65 वर्षीय किसान की सोमवार रात गला रेतकर हत्या कर शव को आग के हवाले कर दिया गया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए मचान में आग लगा दी गई। पुलिस ने अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा है। मामले की जांच शुरू कर दी है।
रहीमगंज निवासी कमलेश कुमार सैनी उर्फ ''भक्त''(65) सोमवार रात 10 बजे भोजन करने के बाद शुजागंज-अख्तियारपुर मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे अपने मक्के के खेत की रखवाली के लिए मचान पर सोने चले गए थे। कमलेश खेती के साथ-साथ झाड़-फूंक भी करते थे। बताया जा रहा कि 20 वर्षों से उसी जगह सोते भी थे। बेटे और ग्रामीणों का कहना मृतक का गांव में किसी से कोई वाद-विवाद नहीं था। अभी एक माह पहले ही अपनी पोती का विवाह तय किया है।
वारदात की जानकारी मंगलवार सुबह करीब पांच बजे तब हुई जब खेतों की ओर निकले ग्रामीणों ने मचान पर जला शव देखा। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। खेत के चारों ओर घने पेड़ होने के कारण रात में आग लगने की जानकारी किसी को नहीं हो सकी। मृतक के पुत्र जगदेव ने बताया कि उनके पिता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वहीं मृतक की बहन सूरज देवी ने रोते हुए बताया कि रात करीब 11 बजे तक उनकी अपने भाई से बातचीत हुई थी। इसके बाद वह मचान पर सो गए थे। सुबह उनकी मौत की सूचना मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि पहले धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या की गई और बाद में साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से मचान में आग लगाकर शव को जला दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य और शुजागंज चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया। प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रुदौली विधायक भी मौके पर पहुंचे
किसान की हत्या की जानकारी मिलने पर रुदौली विधायक रामचंद्र यादव भी रहीमगंज घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित परिवार को शासन से मिलने वाली आर्थिक सहायता शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।