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फैजाबाद: जहां राम मंदिर बना वहीं हार गई भाजपा, भारी पड़ा सपा का पीडीए कार्ड, इंडिया गठबंधन के साथ गए दलित

Tue, 04 Jun 2024 07:12 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, अयोध्या

सार

Faizabad loksabha: अयोध्या का राम मंदिर फैजाबाद लोकसभा सीट में आता है। आश्चर्य की बात रही कि पूरे देश में राम मंदिर का मुद्दा बुलंद करने वाली भाजपा इसी सीट से अपना चुनाव हार गई। 
 
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फैजाबाद की सीट हार गई भाजपा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भाजपा फैजाबाद सीट पर चुनाव हार गई है। पार्टी के प्रत्याशी लल्लू सिंह हैट्रिक बनाने से चूक गए। सपा के अवधेश प्रसाद ने उन्हें हरा दिया। वह इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी थे। करीब 55 हजार वोटों से सपा यह चुनाव जीतने में सफल रही। इस बात की चर्चा राजनीतिक गलियारों में होती रही कि राम मंदिर वाली सीट पर ही भाजपा कैसे चुनाव हार गई। 

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 भाजपा के राम मंदिर कार्ड पर इस बार समाजवादी पार्टी का पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) कार्ड भारी रहा। शहर से लेकर गांव तक अंदर ही अंदर हुए ध्रुवीकरण ने भाजपा की हर चाल नाकाम कर दी और हर क्षेत्र में साइकिल हावी रही। नतीजतन भाजपा के भगवा किले को ढहाने में सपा सफल रही।

समाजवादी पार्टी ने सामान्य सीट पर दलित कार्ड खेलकर सभी को चौंकाया था। खांटी समाजवादी होने के साथ ही राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी माने जाने वाले अवधेश प्रसाद का पूरा फोकस पीडीए की थीम पर ही रहा। इसी थीम पर वह चलते रहे और भीतर ही भीतर उन्होंने मजबूत चुनाव खड़ा कर दिया। उन्होंने न कोई शोर-शराबा किया ना ही कोई दिखावा। यहां तक कि रोड-शो के तय हुए कार्यक्रम भी करवाने में वह दिलचस्प नहीं दिखे। ऐसे में भाजपाइयों को इतने मजबूत चुनाव का अंदाजा भी नहीं लगने दिया।
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इधर, राम मंदिर बनने के बाद भाजपाई खेमा राम के सहारे जीत को लेकर आश्वस्त था। आस्था के आधार पर वोट की चोट की आशा थी। इसे गर्माने के तमाम अभिनव प्रयोग भी होते रहे। शीर्ष नेताओं को भी गणेश परिक्रमा कराई गई, लेकिन भाजपा की एक भी चाल सपा के पीडीए कार्ड के सामने काम न आई।

दलित व पिछड़ा बहुल इलाकों में रहा फोकस
जनसंपर्क के दौरान सपा दलित व पिछड़ा बहुल इलाकों में अपना जनाधार तैयार करती रही। मतदाताओं को मथती रही, जिसका परिणाम मंगलवार को सामने आया। सपा के मूल मतों के साथ दलित व अन्य पिछड़ी जातियों के मतों को साधकर चुनावी वैतरणी को पार करने में अवधेश सफल रहे। साथ ही शीर्ष नेतृत्व के दलित कार्ड के फैसले को भी उन्होंने सार्थक सिद्ध कर दिया।

माला पहनकर मतगणना स्थल में डटे रहे अवधेश
अवधेश प्रसाद सुबह से ही आत्मविश्वास से लबरेज दिखे। हनुमानगढ़ी व पंचमुखी महादेव के दर्शन के दौरान पहनी माला धारण किए ही वह मतगणना स्थल पहुंचे और पूरे समय वही माला पहने रहे। किसी ने टोका भी तो आत्मविश्वास से भरे हुए उन्होंने जवाब दिया कि यह जीत की माला है, जिसे भगवान ने ही पहनाकर भेजा है।

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