अयोध्या। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि इटावा की घटना दुखद है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से इसका राजनीतिकरण करने का प्रयास समाज को बांटने वाली राजनीति है। यही समाजवादी पार्टी और विपक्ष का एजेंडा है। समाज में जाति के नाम पर टकराव और तनाव पैदा करके राजनीतिक एजेंडा सेट करने की कोशिश हो रही है। प्रदेश की जनता विपक्ष और समाजवादी पार्टी को समझ चुकी है। लोकतंत्र में जनता का निर्णय ही अंतिम होता है।
प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि में सपरिवार दर्शन-पूजन किया। इस दौरान संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है कि हम अपनी आस्था, परंपरा, संस्कृति और विरासत के आधार पर आगे बढ़ें। भाजपा यही कर रही है। 2027 के विधानसभा चुनाव पर कहा कि जन संगठन के माध्यम से हम जनता के बीच हैं। देश की जनता ने 11 वर्ष पहले प्रधानमंत्री को देश की सेवा करने का अवसर दिया। आठ साल पहले उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित सरकार चुनी।
11 वर्ष की सरकार के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड लेकर हम जनता के बीच में गए। हमने जनता के बीच में भाजपा सरकार की 11 वर्षों की उपलब्धि को रखा है। भाजपा अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से जनता के बीच संवाद कर रही है। हम चुनावी मोड में हमेशा रहते हैं। हमारे संगठन का गठन आखिरी चरण में है। जिलाध्यक्ष की घोषणा कर दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव अब होना है।
उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता आधारित संगठन आपस में बातचीत करके कार्यों की समीक्षा करता है। हम पूरी तैयारी के साथ जनता के बीच में हैं। लोकतंत्र में जनता का निर्णय ही अंतिम है। जनता का निर्णय स्वीकार करके ही हम आगे बढ़ेंगे। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ओर से कांवड़ मार्ग की दुकानों पर नेम प्लेट लगाए जाने के बयान पर कहा कि यह एक संवैधानिक व्यवस्था है। अपनी पहचान उजागर करके ही इस प्रकार के काम करना चाहिए। इस दौरान उनके साथ महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह व पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल मौजूद रहे।