अयोध्या। एनसीईआरटी की कक्षा चार की अंग्रेजी माध्यम की पुस्तक आवर वंडरस वर्ल्ड के पहले अध्याय लिविंग टुगेदर में स्थानीय परंपराओं से जुड़े तीन शब्दों में त्रुटि सामने आई है। यह सामान्य टाइपिंग की गलती नहीं, बल्कि ऐसे नामों की त्रुटि है, जिससे अध्याय का अर्थ ही बदल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि अंग्रेजी पुस्तक पढ़ाते समय बच्चों के साथ-साथ उन्हें भी सही शब्द समझने में काफी परेशानी हुई।
पुस्तक के पेज-12 पर (डू-यू-नो) खंड में असम के माघ बिहू के दौरान बनने वाले ''भेला घर'' का उल्लेख है, लेकिन अंग्रेजी पुस्तक में इसका नाम पढ़ने भी नहीं आ रह है। वहीं, पेज-13 पर सिक्किम में फसल कटाई के दौरान सामुदायिक सहयोग करने वाले लोगों के लिए प्रयुक्त स्थानीय शब्द ''''''''खेताला'''''''' के स्थान पर जैसा अर्थहीन शब्द छपा है। इन त्रुटियों के कारण पाठ का संदर्भ समझना मुश्किल हो जाता है।
जिले में उपलब्ध पुस्तकों में यही त्रुटियां मिली हैं। अंबेडकरनगर के एक विद्यालय में भी पुस्तक की जांच कराने पर वही शब्द गलत पाए गए। इससे आशंका जताई जा रही है कि यह त्रुटि प्रदेशभर में वितरित पुस्तकों में हो सकती है। शिक्षा विभाग के जानकारों के अनुसार, एनसीईआरटी को इन त्रुटियों का संज्ञान लेकर संशोधित संस्करण या आधिकारिक सुधार (एराटा) जारी करना चाहिए।
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अंग्रेजी पुस्तक पढ़ते समय इन शब्दों का कोई अर्थ नहीं निकल रहा था। इंटरनेट पर भी गलत शब्दों से कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में हिंदी माध्यम की इसी कक्षा की पुस्तक से मिलान करने पर पता चला कि अंग्रेजी संस्करण में स्थानीय नाम गलत दर्ज हो गए हैं। -अरविंद, शिक्षक
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कक्षा में पढ़ाते समय बच्चे लगातार इन शब्दों का अर्थ पूछते रहे। अंग्रेजी पुस्तक से जवाब नहीं मिला। ऐसी गलती बच्चों की सीखने की प्रक्रिया को प्रभावित करती है। शायद हिंदी सामग्री का अंग्रेजी में अनुवाद या संपादन करते समय यह गलती हुई होगी। - संजय सिंह, शिक्षक
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मामला संज्ञान में नहीं है। यदि कुछ गलती है तो इसे दुरुस्त कराया जाएगा।
लालचंद्र, बीएसए