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राम मंदिर दान राशि में गबन: नृपेंद्र मिश्र बोले- जांच में कोई ढिलाई नहीं होगी, जल्दी काम शुरू करेगी एसआईटी

Mon, 15 Jun 2026 10:53 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी जल्द ही अपना काम शुरू करेगी। मामले के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं पहला आपराधिक जांच और दूसरा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय। दोनों पहलुओं पर प्रभावी कार्रवाई होने के बाद ही श्रद्धालुओं का विश्वास पूरी तरह बहाल किया जा सकेगा।
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राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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राम मंदिर दान पात्र में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को लेकर राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार ने बेहद तेजीसे कार्रवाई करते हुए एसआईटी का गठन किया है और अब जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

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अयोध्या में राम मंदिर दान पात्र मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी जल्द ही अपना काम शुरू करेगी। राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि शनिवार को एसआईटी गठन का फैसला हुआ था और रविवार को अवकाश होने के कारण आज टीम के सदस्यों को औपचारिक रूप से टर्म्स ऑफ रेफरेंस उपलब्ध कराए जाएंगे।

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मिश्रा ने जानकारी दी कि एसआईटी के सदस्य अयोध्या पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए मुलाकात का अनुरोध कर चुके हैं। इसके तुरंत बाद टीम अयोध्या पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू करेगी।

भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि मामले के दो महत्वपूर्ण पहलू हैं पहला आपराधिक जांच और दूसरा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय। दोनों पहलुओं पर प्रभावी कार्रवाई होने के बाद ही श्रद्धालुओं का विश्वास पूरी तरह बहाल किया जा सकेगा। नृपेंद्र मिश्रा ने यह भी कहा कि ट्रस्ट ने जांच में पूरा सहयोग देने का निर्णय लिया है। एसआईटी को समिति, ट्रस्ट और जिला प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी जिला प्रशासन से भी बातचीत हुई है और प्रशासन ने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा कि यह एक टीम एफर्ट है। मंदिर के इस पूरे प्रकरण में एक ऐसा मोड़ आया था, जिसे हम एक क्रॉस रोड कह सकते हैं। अब हम उस दौर को पार कर भविष्य की ओर देख रहे हैं।

मंदिर निर्माण का करीब 90 प्रतिशत कार्य ट्रस्ट को हस्तांतरित

राम मंदिर निर्माण अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसी बीच राम मंदिर भवन निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने निर्माण कार्य, संचालन व्यवस्था और अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मंदिर निर्माण का अधिकांश कार्य ट्रस्ट को सौंपा जा चुका है और अब संग्रहालय के निर्माण पर तेजी से काम शुरू होगा।

राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि तीन दिनों तक चली बैठकों में निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण अब अंतिम चरण में है और अधिकांश निर्माण एजेंसियां जून के अंत या 15 जुलाई तक अपना काम पूरा कर वापस चली जाएंगी। बैठक में यह सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया कि किसी भी ठेकेदार या एजेंसी का भुगतान लंबित न रहे।

भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि मंदिर निर्माण का करीब 90 प्रतिशत कार्य ट्रस्ट को हस्तांतरित किया जा चुका है। निर्माण से जुड़े अभिलेख और रिकॉर्ड भी ट्रस्ट को सौंप दिए गए हैं। ऐसे में अब संचालन और रखरखाव यानी ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस ट्रस्ट की बड़ी जिम्मेदारी होगी। इसके लिए एक विस्तृत ऑपरेशन मैनेजमेंट सूची तैयार की गई है, जिसे ट्रस्ट को सौंपा जाएगा।
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रामकथा संग्रहालय की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई

बैठक में अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। संग्रहालय की विभिन्न गैलरियों के 3D प्रस्तुतीकरण और स्क्रिप्ट को मंजूरी दी गई है। संग्रहालय परियोजना पर काम कर रही इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी मद्रास की टीम ने दावा किया है कि 90 प्रतिशत तकनीकी तैयारी पूरी हो चुकी है। हनुमान जी पर आधारित विशेष गैलरी, जिसे विज्ञान मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया गया है, उसे भी मंजूरी दे दी गई है।

समिति को उम्मीद है कि निर्धारित गति से काम जारी रहा तो दिसंबर 2026 तक श्रद्धालुओं के लिए रामकथा संग्रहालय पूरी तरह तैयार हो जाएगा। हालांकि संग्रहालय की कुछ विशेष गैलरियों में प्रवेश शुल्क लगेगा या नहीं, इस पर अंतिम फैसला अभी ट्रस्ट को लेना है। यह प्रस्ताव ट्रस्ट के समक्ष रखा गया है और विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।

राम मंदिर निर्माण के अंतिम चरण और रामकथा संग्रहालय की तेज होती तैयारियों के बीच अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को आने वाले समय में एक और भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक अनुभव मिलने की उम्मीद है।
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