अयोध्या। काफी समय से विद्युतीकरण से वंचित जिले के 3,858 घर अब बिजली से रोशन होंगे। केंद्रीय उर्जा मंत्रालय से स्वीकृति के बाद कार्यदायी संस्था नामित है, जो अगले माह से काम शुरू करेगी। कार्य पूर्ण करने के लिए संस्था को एक वर्ष का समय दिया गया है।
पिछले कुछ वर्षों में जिले के अलग-अलग इलाकों में ग्राम सभाओं का विस्तार हुआ है। लोग खेत-खलिहानों आदि में मकान बनाकर जीवनयापन शुरू किए तो उनके घरों तक पूर्ण रूप से बिजली नहीं पहुंच सकी थी। कई लोग इधर-उधर से जुगाड़ करके बिजली जलाते थे। बहुत से परिवार अब तक अंधेरे में ही जीवन गुजारने को विवश है। इसे लेकर वह जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों का दरवाजा खटखटा रहे थे, लेकिन बजट के अभाव में उन्हें लाभ नहीं मिल रहा था। 405 मजरों के 3,858 परिवार इसी श्रेणी में चिह्नित हुए थे।
लंबे समय से मंडल भर में व्याप्त इस समस्या से निजात के लिए सरकार ने ठोस पहल की। पीएमए गौरव गुप्ता ने बताया कि सौभाग्य योजना के तीसरे चरण में इस दिशा में कार्य की योजना बनी थी। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने मार्च, 2024 में ही स्वीकृति दी थी। इसके लिए जिले को 18 करोड़ रुपये मिले थे। इनसे इन मजरों में नए ट्रांसफार्मर, बिजली खंभे, केबल आदि का इंतजाम करके विद्युतीकरण कराना था। अब सरकार ने इसके लिए पायनियर पॉवर इंजीनियर्स लिमिटेड लखनऊ को कार्यदायी संस्था नामित किया है।