पुलिस लाइन में पत्रकारों से वार्ता करते एसएसपी।
अयोध्या। रुदौली कोतवाली के महंगू का पुरवा निवासी बृजेश यादव की हत्या उसकी पत्नी ने सवा करोड़ के दो ट्रक हड़पने की लालच में अपने भाई के साथ मिलकर कराई थी। चलती कार में भाड़े के शूटर ने तीन साथियों के साथ युवक की गोली मारकर हत्या कर दी और शव चलती गाड़ी से झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने मृतक के साले समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पत्नी व एक अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
बुधवार को घटना का खुलासा करते हुए एसएसपी राजकरन नय्यर ने बताया कि इनायतनगर थाना क्षेत्र के खड़भड़िया में मंगलवार को एक युवक का शव मिला था। युवक की पहचान रुदौली कोतवाली क्षेत्र के महंगू का पुरवा निवासी बृजेश यादव के रूप में हुई थी। हत्या के खुलासे के लिए एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी व इनायतनगर थाना की पुलिस जुटी थीं। छानबीन में हत्या के पीछे मृतक के साले पूराकलंदर थाना क्षेत्र के जिलौंदीपुर भदोखर निवासी रिंकू का नाम सामने आया। उसने अपने साथियों पूराकलंदर थाना क्षेत्र के गंजा निवासी सचिन यादव, अंकित यादव व कैंट थाना क्षेत्र टोनिया निवासी अभिषेक यादव की मदद से हत्या की थी। मुख्य आरोपी रिंकू, सचिन और अभिषेक को टकसरा पुल के पास से गिरफ्तार किया गया है।
थानाध्यक्ष इनायतनगर अभिमन्यु शुक्ला ने बताया कि युवक की शादी के बाद से उसकी पत्नी मनीषा से उसका अक्सर विवाद होता था। इस बीच युवक उसे लेकर नगर कोतवाली क्षेत्र के ऋषिटोला में किराए पर मकान लेकर रहने लगा। दोनों में अक्सर विवाद होने के कारण मनीषा ने अपने भाई रिंकू से मिलकर बृजेश की हत्या की साजिश रची। रिंकू ने बृजेश के नाम से सवा करोड़ की दो ट्रक खरीदवाई। इसमें उसकी पत्नी को नॉमिनी बनाया गया। लोन पर मेडिकल बीमा हुआ जिस कारण अगर किसी कारणवश बृजेश की मौत हो जाती तो किस्तें जमा करने से वह बच जाते और ट्रक मनीषा के नाम हो जाती। इसी लालच में उन्होंने बृजेश की हत्या करवा दी।
डेढ़ लाख में दी थी सुपारी
थानाध्यक्ष ने बताया कि रिंकू ने पहले एक लाख रुपये में बृजेश की हत्या की सुपारी अभिषेक यादव को दी। अभिषेक ने यह पैसा सचिन को दिया। सचिन ने मनोज सिंह नामक एक अन्य शूटर को यह पैसे दिए, लेकिन मनोज की हादसे में मौत हो गई तो रिंकू ने 50,000 रुपये और देकर सचिन से ही हत्या करवाई। अभिषेक, सचिन और अंकित ने कार में बृजेश को बैठाया और शाहगंज-इनायतनगर मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी और चलती गाड़ी से शव नीचे फेंक दिया। उस समय मनीषा अपने भाई से फोन पर संपर्क में रही और घटना की अपडेट लेती रही।
मनीषा और अंकित फरार
थानाध्यक्ष ने बताया कि तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी की गिरफ्तारी के लिए दबिश डाली। लेकिन मायका और ससुराल में वह कहीं नहीं मिली। अंकित भी फरार है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गई हैं।