अयोध्या। शहीद के बेटे की मौत के मामले में धरना दे रहे परिजनों से जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने रात में लगभग 01:30 बजे मुलाकात की। वह धरनास्थल पर जाकर मृतक की मां से मिले और मामले की मजिस्ट्रेटी जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन मान गए और लगभग दो बजे रात में रामपथ से शव उठवाकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया गया।
कोतवाली अयोध्या के रानोपाली बढ़ई का पुरवा निवासी शहीद राज कुमार यादव के बेटे शिवम यादव (21) की कैंट थाना क्षेत्र के सहादतगंज के पास सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वह सोहावल तहसील में लिपिक के पद पर कार्यरत थे। मौत के बाद परिजनों ने तहसील के प्रशासनिक अधिकारी पर लिपिक की प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए रामपथ जाम कर दिया था। रामपथ पर ही शव रखकर धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ, जिसमें सांसद अवधेश प्रसाद, पूर्व मंत्री तेज नारायण समेत सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व स्थानीय लोग शामिल हुए। परिजन आरोपी अधिकारी के खिलाफ केस दर्ज करने, उन पर विभागीय कार्रवाई करने आदि मांगों को लेकर रात लगभग नौ बजे से धरना देते रहे, जो देर रात लगभग 01:30 बजे तक चलता रहा।
विफल रही कई राउंड की वार्ता
प्रदर्शन के लगभग एक घंटे के बाद एसडीएम सदर विकास दुबे मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन वह आरोपी एसडीएम पर एफआईआर दर्ज करने पर अड़े रहे। दो-तीन चरणों की वार्ता में वह असफल रहे तो एसडीएम राजकुमार पांडेय, एसपी ग्रामीण बलवंत चौधरी पहुंचे। उन्होंने भी कई चरणों में परिजनों से अलग-अलग बात की, लेकिन नतीजा शून्य रहा। लगभग 11 बजे एडीएम सिटी सलिल पटेल पहुंचे और शुरू से ही मौजूद रहे सीआरपीएफ कमांडेंट सुनील कुमार दुबे की मध्यस्थता में परिजनों से बातचीत की, फिर भी कोई नतीजा नहीं निकला। आखिरकार सारे हथियार फेल होने पर जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह को स्वयं आना पड़ा, तब जाकर मामला शांत हुआ।
भोर में लगभग तीन बजे हुआ पोस्टमार्टम
डीएम के आश्वासन के बाद जैसे ही परिजन शांत हुए तुरंत पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया। बिना किसी लेटलतीफी के आनन-फानन पंचनामा भरवाकर भोर में तीन बजे ही पोस्टमार्टम करवा दिया गया। इस दौरान जिला अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस और मृतक के घर रानोपाली तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। पोस्टमार्टम होने के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच शव पैतृक गांव लाया गया, जहां से सुबह लगभग 09:30 बजे अंतिम संस्कार करवा दिया गया।
सांसद के उठने के इंतजार में रहे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी
लिपिक के शव के पास ही धरने पर बैठे सांसद और पूर्व मंत्री तेज नारायण आदि के उठने के इंतजार में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी बैठे रहे। इसे लेकर वह आपस में बात भी करते रहे। माना जा रहा है कि शायद इसी वजह से जिलाधिकारी भी परिजनों के बार-बार बुलाने पर नहीं आ रहे थे। सांसद के उठने के बाद ही वह मौके पर आए।