अयोध्या। दिव्यांगजनों को बेहतर पुनर्वास सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज परिसर में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित किया जाएगा। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले केंद्र के लिए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने भूमि चिह्नित कर ली है। भूमि संबंधी प्रस्ताव दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग को भेज दिया गया है।
प्रदेश के चार मंडलों में प्रथम चरण में डीडीआरसी स्थापित किए जाने की योजना है। इसी क्रम में अयोध्या मंडल मुख्यालय पर केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। केंद्र शुरू होने के बाद दिव्यांगजनों को अलग-अलग सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें एक ही परिसर में पुनर्वास से जुड़ी विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी चंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र में दिव्यांगजनों का सर्वेक्षण एवं पहचान, दिव्यांगता की रोकथाम के लिए जागरूकता, प्रारंभिक पहचान और हस्तक्षेप की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता, फिजियोथेरेपी, स्पीच थेरेपी, ऑडियोलॉजी और काउंसलिंग जैसी सेवाएं भी एक ही स्थान पर मिलेंगी।
केंद्र में शिक्षकों, अभिभावकों और समुदाय के लोगों के लिए प्रशिक्षण एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए कार्यालय, सामान्य कक्ष, कार्यशाला, ऑडियोलॉजी एवं स्पीच थेरेपी कक्ष, फिजियोथेरेपी और काउंसलिंग कक्ष सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं से युक्त भवन का निर्माण किया जाएगा।