रूसी कलाकारों के साथ सीएम योगी (सांकेतिक)
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रामनगरी स्थित अयोध्या शोध संस्थान के आमंत्रण पर रशियन-इंडियन फ्रेंडशिप सोसाइटी दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में अपनी नाट्य प्रस्तुति दिशा रामलीला प्रस्तुत करेगी। यह प्रस्तुति पद्मश्री गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव की स्मृति को समर्पित है। दीपोत्सव का आयोजन 18-19 अक्तूबर को हो रहा है। विभिन्न देशों के कलाकारों को इस अंतरराष्ट्रीय दीपोत्सव में आमंत्रित किया गया है।
रूस में रामलीला का इतिहास 1960 के दशक से जुड़ा है। सोवियत और रूसी अभिनेता, रंगमंच निर्देशक और सांस्कृतिक व्यक्तित्व गन्नादी मिखाइलोविच पेचनिकोव (जिन्हें रशियन राम कहा जाता था) ने लगभग दो दशकों तक रामलीला का मंचन किया। उन्होंने भारत के कई दौरे किए। भारत सरकार ने उन्हें बाल मित्र पदक और पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया।
करीब 40 वर्षों के अंतराल के बाद, रशियन इंडियन फ्रेंडशिप सोसाइटी दिशा ने पद्मश्री जी.एम. पेचनिकोव की स्मृति और भारत-रूस की अटूट मित्रता के सम्मान में दिशा रामलीला के प्रदर्शन की परंपरा को पुनर्जीवित किया। इस पुनर्जीवित दिशा रामलीला का पहला प्रदर्शन 4-6 नवंबर 2018 को अयोध्या में हुआ था। दूसरा कुंभ मेला 2019 प्रयागराज में और तीसरा दीपोत्सव 2022 अयोध्या में प्रस्तुत किया गया।
रूसी-भारतीय मैत्री संघ दिशा के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि अब 18-19 अक्तूबर को दिशा रामलीला मॉस्को एक बार फिर दीपोत्सव के अंतरराष्ट्रीय मंच पर रूस का प्रतिनिधित्व करेगी। यह भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की विजयी कथा का उत्सव होगा, जो श्रद्धा, प्रकाश और एकता का शाश्वत प्रतीक है।