अयोध्या। गर्मी बढ़ने के साथ बच्चों में डायरिया और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। इसका असर है कि इन दिनों जिला अस्पताल में 12 बेड का बच्चा वार्ड रोगियों से फुल है। ओपीडी में भी इसी तरह के मरीजों की भरमार है। विशेषज्ञों ने इन दिनों बच्चों की सेहत के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी है।
इन दिनों जिले भर में गर्मी का प्रकोप दिख रहा है। इसकी चपेट में बच्चे ज्यादा आ रहे हैं। दोपहर में ही स्कूलों की छुट्टियां भी आग में घी का काम कर रही हैं। कड़ी धूप में स्कूल बस की तपती सीटों से उठकर बच्चे सीधे वातानुकूलित या ठंडे कमरों में घुसते हैं। कई बार तो धूप में खेलते हुए बच्चे सीधे कमरे में आकर ठंडी वस्तुओं का सेवन करते हैं। यही लापरवाहियां उन्हें बीमार कर रही हैं। अमर उजाला टीम ने मंगलवार को जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग का जायजा लिया तो ऐसे ही हालात दिखे।
सुबह 11:30 बजे तक ओपीडी में 34 मरीज देखे जा चुके थे। इनमें 23 मरीज उल्टी, दस्त, बुखार, जुकाम आदि से पीड़ित थे। वहीं 12 बेड का बच्चा वार्ड इसी तरह के मरीजों से फुल रहा। यहां रौनाही के देवराकोट निवासी दुर्गा प्रसाद का 13 माह का बेटा शिवांश 26 अप्रैल से, शहर के नहरबाग निवासी इंद्रेश की सात माह की बेटी शिवान्या 24 अप्रैल से, अमानीगंज खंडासा निवासी श्याम बहादुर का चार माह का बेटा अयांश 26 अप्रैल से उल्टी-दस्त, पेट दर्द आदि से पीड़ित होकर भर्ती मिला।
शहर के राठ हवेली निवासी अरशद हुसैन का 13 साल का बेटा सैद हुसैन तेज बुखार की चपेट में आकर भर्ती कराया गया था। हालांकि लंबे इलाज के बाद इनकी हालत में सुधार बताया गया, जिन्हें डिस्चार्ज करने की तैयारी थी। इसी तरह लगभग सभी बेडों पर इसी तरह के मरीज ही भर्ती मिले।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल वर्मा ने बताया कि सर्द-गर्म की चपेट में आकर बच्चे बीमार हो रहे हैं। बच्चों को खूब पानी पिलाएं। हो सके तो पानी उबालकर ठंडा करके पिलाएं। अचानक से ठंडी वस्तुएं न खिलाएं। फास्टफूड से परहेज करें। बच्चों को साफ और ताजा भोजन कराएं। उल्टी-दस्त अधिक होने पर नजरअंदाज न करें, बल्कि नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।