अयोध्या। मेडिकल कॉलेज से रीजेंट्स चोरी करने के मामले में मेडिकल कॉलेज और पुलिस ''जैसे को तैसा'' की भूमिका निभा रही है। लंबे समय तक जांच के नाम पर मामला लटकाने के बाद कॉलेज की ओर से अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई। अब पुलिस एफआईआर दर्ज करने के लिए डीएम के आदेश का इंतजार कर रही है। हालांकि मंगलवार को इंस्पेक्टर मनोज शर्मा मेडिकल कॉलेज पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
मेडिकल कॉलेज दर्शननगर से छह और 13 अप्रैल को रीजेंट्स चोरी होने के मामले में तत्कालीन लैब इंचार्ज डॉ. पारस खरबंदा की ओर से सोमवार को कोतवाली अयोध्या में तहरीर दी गई है। इस तहरीर में काफी कुछ अस्पष्ट है। आरोप साबित होने और आरोपियों पर कार्रवाई के बावजूद तहरीर में उनका नाम तक नहीं दिया गया था। ऐसे में पुलिस को शून्य से शुरुआत करनी थी, जबकि आधी विवेचना तो कॉलेज की जांच कमेटी ही कर चुकी थी।
चोरी के सामानों की पुष्टि हो चुकी थी, सामान बरामद भी हुए थे, लेकिन तहरीर में रीजेंट्स चोरी की बात सीधे तौर से न लिखकर चोरी की संभावना जताई गई। ऐसे में पुलिस असमंजस में रही और केस दर्ज करने को तैयार नहीं हुई। इसके पीछे मामला मेडिकल से जुड़ा होने और जिलाधिकारी की अनुमति लेने की बात कही गई है। सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी ने बताया कि पूरे मामले का खुलासा होने के बावजूद कॉलेज की ओर से आरोपियों का नाम तहरीर में नहीं लिखा गया है। न ही उसके साथ कोई कागजात लगाए गए हैं। उच्चाधिकारियों की अनुमति भी नहीं है। ऐसे में जिलाधिकारी की अनुमति के बाद केस दर्ज किया जाएगा। मामले की जांच की जा रही है।