-फिजी के उप प्रधानमंत्री ने किए रामलला के दर्शन, नव्य मंदिर के सौंदर्य को देख हुए अभिभूत
-बोले- श्रीराम के जीवन से मिली प्रेरणा को सहेज कर रखा, उन्हीं के दिखाए रास्ते पर चलेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
अयोध्या। फिजी के उप प्रधानमंत्री बिमान प्रसाद ने कहा कि भारत के साथ हमारे संबंधों को अयोध्या से नई दिशा मिलेगी। फिजी का हर नागरिक यहां आकर रामलला के दर्शन करने की इच्छा संजोए है। श्रीराम के जीवन से मिली प्रेरणा को हमने सहेज कर रखा है। उन्हीं के दिखाए न्याय व नीति के रास्ते पर चलेंगे।
उप प्रधानमंत्री प्रसाद बृहस्पतिवार को पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ अयोध्या पहुंचे। महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कहा कि फिजी का राम और रामायण से गहरा जुड़ाव है। ब्रिटिश काल में भारत से जो लोग वहां गए, वे अपने साथ रामायण और गीता लेकर गए थे। फिजी में हिंदू समाज के लोगों ने रामायण का प्रचार-प्रसार किया, यही हमारी पहचान भी बना। आज भी वहां के मंदिरों में रोज रामायण का पाठ होता है और इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं।
प्रसाद ने कहा कि अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है, इसलिए फिजी के सनातन धर्म को मानने वालों के दिल और दिमाग में यह हमेशा रहती है। फिजी देश धार्मिक है। वहां दीपावली पर राष्ट्रीय अवकाश होता है। भगवान राम के वनवास से लौटने की खुशी में इस पर्व को बेहद उल्लास से मनाया जाता है। यह सौभाग्य है कि नया मंदिर बनने के बाद रामलला के दर्शन करने का अवसर मिलने जा रहा है। एयरपोर्ट पहुंचने पर उप प्रधानमंत्री का महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिंह व डीएम नितीश कुमार समेत अन्य जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं ने स्वागत किया। यहां से प्रसाद अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। रामजन्मभूमि में रामलला के दर्शन किए। साथ ही नव्य मंदिर का भ्रमण कर इसकी भव्यता को निहारा और बेहद अभिभूत नजर आए।