अयोध्या। डेंगू से जंग को लेकर आमजन में सजगता नहीं दिख रही है। इसका अंदाजा स्वास्थ्य विभाग की एक रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। इसके अनुसार इस साल 164 घरों में डेंगू के लार्वा मिले हैं, जिन्हें टीमों ने नष्ट कराया है।
हर तरफ गंदगी, जल जमाव आदि से अब संक्रामक बीमारियां पांव पसारने लगी हैं। अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया समेत अन्य मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इसके लिए सिस्टम के अलावा काफी हद तक आमजन भी जिम्मेदार हैं, जो साफ-सफाई को लेकर सतर्क नहीं दिख रहे हैं। उन्हें जागरूक करने के लिए मलेरिया इकाई की डीबीसी (डोमेस्टिक ब्रीडर चेकअप) की टीम घर-घर जाकर सर्वे कर रही है।
आंकड़ों के अनुसार इस टीम ने 10 सितंबर तक जिले भर में 5,04,759 घरों का सर्वे किया। इनमें 164 घरों में लार्वा ब्रीडिंग पाई गई। वहीं, 10.20 लाख पात्रों की जांच की गई। इनमें 187 में डेंगू के लार्वा मिले हैं। इस दौरान 84 गृह स्वामियों को नोटिस दी गई और 7,627 जगहों पर डेंगू के स्रोत नष्ट कराए गए।
जिला मलेरिया अधिकारी मंजुला आनंद ने बताया कि डेंगू फैलाने वाले मच्छर स्वच्छ पानी में पनपते हैं। इसलिए अपने आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, फ्रिज की ट्रे, खुले में रखे टायर, टंकियां, पक्षियों के पानी पीने के बर्तन, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन आदि में जमा पानी में यह मच्छर पनप सकते हैं। इसलिए इन पात्रों को सप्ताह में एक बार जरूर खाली कर दें या आवश्यकतानुसार पलट कर रखें। अपने आसपास गंदगी न होने दें। मच्छरों से खुद सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
सीएमओ डॉ. सुशील कुमार बानियान ने बताया कि जिले में डेंगू के इलाज के पर्याप्त इंतजाम हैं। जिला स्तरीय अस्पतालों के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी बेड आरक्षित हैं। सभी सीएचसी पर डेंगू की कार्ड से जांच होती है। संदिग्ध मिलने पर एलाइजा जांच के लिए नमूना भेजा जाता है। दोनों ब्लड बैंकों से प्लेटलेट मुहैया कराई जाती है। आमजन से अपील है कि डेंगू को लेकर सतर्क रहें। पूरी बांह का कपड़ा पहनें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। किसी तरह की दिक्कत होने पर नजदीकी सरकारी अस्पताल में इलाज कराएं।