डाभासेमर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों को सम्मानित करतीं कोच।
अयोध्या। मदर्स डे की पूर्व संध्या पर डाभासेमर स्टेडियम में खेल विभाग की ओर से अनूठी पहल करते हुए उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने मां को खोने के बाद भी खेल के मैदान में संघर्ष जारी रखा। टेबल टेनिस कोच आकृति श्रीवास्तव, कबड्डी कोच बिंदु यादव और हैंडबॉल कोच अंकिता ने खिलाड़ियों को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया।
हॉकी खिलाड़ी निधि ने बताया कि उनकी मां का निधन 3 जनवरी 2025 को कैंसर के कारण हो गया था। शिवदासपुर मुर्चीपुर निवासी निधि पिछले चार वर्षों से डाभासेमर स्टेडियम में हॉकी का प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने अब तक राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दो पदक और राज्य स्तर पर कई मेडल जीते हैं। इनके पिता जितेंद्र कुमार मिस्त्री हैं। कमाने वाले वह अकेले हैं। उन्होंने कहा कि मां के निधन के बाद उनका मन टूट गया था, लेकिन मां का सपना पूरा करने के लिए वह लगातार मेहनत कर रही हैं। एथलेटिक्स खिलाड़ी नंदनी प्रयागराज की रहने वाली हैं। उनके पिता अरविंद कुमार पेंटर हैं। बचपन में ही मां शिव कुमारी का निधन हो गया था। नंदनी ने बताया कि मां की कमी हमेशा महसूस होती है, लेकिन ओलंपिक में पदक जीतना उनका सपना है। वह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं और पिछले एक वर्ष से स्टेडियम में प्रशिक्षण ले रही हैं।
वहीं, गोरखपुर निवासी हैंडबॉल खिलाड़ी शालू ने बताया कि बचपन में मां का साया उठ गया था। किसान पिता रमेश के सहयोग से उन्होंने खेल जारी रखा। शालू अब तक ओपन नेशनल, स्कूली नेशनल और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में 12 पदक जीत चुकी हैं। उनका सपना पुलिस विभाग में अधिकारी बनने का है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना ने कहा कि मदर्स डे पर इन खिलाड़ियों का सम्मान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संघर्ष और आत्मविश्वास को सलाम करने का प्रयास है। इन बेटियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी खेल के प्रति समर्पण बनाए रखा, जो अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है।