प्रेमी ने थाने में भरी प्रेमिका की मांग
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रामनगरी अयोध्या की बीकापुर कोतवाली गुरुवार को एक अनोखी प्रेम कहानी की गवाह बनी। कोतवाली परिसर स्थित हनुमान मंदिर में प्रेमी युगल ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच सात फेरे लिए। इसी के साथ उन्होंने हमेशा के लिए एक-दूजे का हाथ थाम लिया। यह अनोखा विवाह क्षेत्र में चर्चा का विषय है।
कोतवाली क्षेत्र के वासुदेवपुर गांव निवासी आशू कुमार (23) और पड़ोसी गांव छोटकी बल्लीपुर पातूपुर निवासी दिव्यांशी (19) पिछले दो वर्षों से एक-दूसरे से प्रेम करते थे। दोनों के रिश्ते की जानकारी परिजनों को हुई तो वह इसके विरोध में आ गए। मामला कोतवाली पहुंच गया। युवती के पिता की शिकायत पर पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की।
पुलिस की समझाइश के बाद माहौल बदला
जांच में युवक और युवती दोनों बालिग पाए गए। पूछताछ में दिव्यांशी ने आशू के साथ अपने प्रेम संबंध को स्वीकार किया। उसी से विवाह करने की इच्छा जताई। शुरुआत में पड़ोसी गांव होने के कारण युवती के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे, लेकिन दोनों के अटल फैसले और पुलिस की समझाइश के बाद माहौल बदल गया।
काफी देर चली बातचीत और समझाने-बुझाने के बाद आखिरकार दोनों परिवार विवाह के लिए राजी हो गए। इसके बाद कोतवाली परिसर स्थित हनुमान मंदिर में सादगी, लेकिन उत्साहपूर्ण माहौल में विवाह की रस्में शुरू हुईं।
सभी ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया
वैदिक मंत्रों के बीच दोनों ने सात फेरे लिए। इसके बाद आशू ने दिव्यांशी की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी जीवन संगिनी बना लिया। शादी के बाद मौजूद लोगों के बीच मिठाइयां बांटी गईं। नवदंपती को आशीर्वाद दिया गया।
इस अवसर पर पुरोहित पंडित डॉ. दिनेश तिवारी, ग्राम प्रधान रामपाल वर्मा, प्रधान संघ के जिला सचिव मुकुल आनंद सहित दोनों परिवारों के लोग मौजूद रहे। प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं तथा दोनों पक्षों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई से इनकार करते हुए आपसी सहमति से विवाह संपन्न कराया है।