अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर में बन रहे अस्थायी मंदिर के फाउंडेशन का काम पूरा हो चुका है। दिसंबर तक अस्थायी मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। फाउंडेशन पत्थरों की चट्टान पर निर्मित हुआ है। करीब 20 फीट गहरी नींव बनाई गई है। राम मंदिर में लगने वाले वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों से ही अस्थायी मंदिर का भव्य ढांचा खड़ा किया जाएगा।
नौ नवंबर 2019 को राम मंदिर के हक में सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था। 25 मार्च 2020 की सुबह सीएम योगी आदित्यनाथ ने 1992 से टेंट में विराजमान रहे रामलला समेत चारों भाइयों के विग्रह को इसी अस्थायी मंदिर में विराजित किया था। अस्थायी मंदिर सागौन की लकड़ियों से निर्मित था। अस्थायी मंदिर में रामलला 46 माह तक विराजमान रहे और श्रद्धालुओं को दर्शन देते रहे। भव्य मंदिर निर्माण के बाद 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई तो अस्थायी मंदिर से भव्य महल में उन्हें विराजमान कर दिया गया। हालांकि हनुमान जी की मूर्ति अस्थायी मंदिर में ही रही और पुजारी नित्य पूजा-अर्चना करते रहे।
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि अस्थायी मंदिर को भी स्थायी मंदिर के रूप में आकार देने का निर्णय लिया गया है। यह मंदिर वंशी पहाड़पुर के लाल पत्थरों से बन रहा है। नींव का काम पूरा हो चुका है, अब स्तंभ खड़े होने लगे हैं। यहां विराजमान रहे हनुमान जी के विग्रह को यज्ञशाला में विराजित कर पूजा-अर्चना की जा रही है। बताया कि दिसंबर तक मंदिर के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा।