अयोध्या। रामनगरी के सरयू तट पर स्थित रामकथा संग्रहालय में अत्याधुनिक तकनीक से तैयार की गई सेवन डी गैलरी का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इस गैलरी में हनुमान की गाथा जीवंत होती नजर आएगी। गैलरी में स्थापित किए गए हाईटेक उपकरणों की तकनीकी जांच और ट्रायल के लिए फ्रांस से विशेषज्ञों की टीम अयोध्या पहुंचेगी। यह टीम बहु-आयामी दृश्य, साउंड और मोशन सिस्टम की टेस्टिंग करेगी।
यह भारत का पहला संग्रहालय होगा जिसमें सेवन डी तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। गैलरी में सेवन डी प्रोजेक्शन सिस्टम, हाई-रिजॉल्यूशन लेजर प्रोजेक्टर, सराउंड साउंड सिस्टम और विशेष विजुअल इफेक्ट यूनिट्स लगाए गए हैं। इन उपकरणों के माध्यम से दर्शकों को एक साथ दृश्य, ध्वनि, कंपन, हवा और प्रकाश के प्रभाव का अनुभव कराया जाएगा। तकनीकी जांच के दौरान इन सारे पहलुओं का ट्रायल किया जाएगा।
तकनीकी टीम की हरी झंडी मिलने के बाद गैलरी को आम दर्शकों के लिए खोलने की तैयारी है। उम्मीद है कि मार्च से यह गैलरी श्रद्धालुओं के लिए खोल दी जाएगी। सेवन डी गैलरी में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भगवान हनुमान की गाथा दिखाई जाएगी। अत्याधुनिक एनीमेशन और विजुअल इफेक्ट्स के जरिए हनुमान जन्म, लंका गमन, संजीवनी बूटी प्रसंग और श्रीराम भक्ति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
साउंड प्रूफ दरवाजे लगाने के बाद होगी जांच
रामकथा संग्रहालय के निदेशक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि निर्माण पूरा होने के बावजूद गैलरी में साउंड प्रूफ दरवाजे लगाने का काम अभी शेष है। दरवाजे के लिए टेंडर हो गया है। चेन्नई, हैदराबाद व लखनऊ में दरवाजे के निर्माण के लिए कंपनियों से संपर्क किया गया है। आईआईटी चेन्नई की हरी झंडी के बाद किसी एक जगह से दरवाजे बनवाए जाएंगे। ये दरवाजे विशेष तकनीक से तैयार किए जाएंगे। इन दरवाजों में ध्वनि नियंत्रण के लिए कई परतों से बने पैनल और वाइब्रेशन कंट्रोल सिस्टम (कंपन नियंत्रण प्रणाली) लगाए जाएंगे, जिससे अंदर की ध्वनि बाहर न जाए और दर्शकों को बेहतर साउंड क्वालिटी मिल सके।
निदेशक डॉ. संजीव सिंह ने बताया कि सेवन डी गैलरी का निर्माण पूरा हो चुका है, उपकरण स्थापित कर दिए गए हैं। दरवाजे लगने के बाद एक पखवाड़े के भीतर फ्रांस के विशेषज्ञों की टीम अयोध्या पहुंचकर गैलरी की तकनीकी जांच करेगी। यह गैलरी न सिर्फ धार्मिक आस्था को तकनीक से जोड़ेगी, बल्कि अयोध्या को आध्यात्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक अनुभव केंद्र के रूप में नई पहचान भी दिलाएगी।