05- राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय- संवाद
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य मंदिर समेत परकोटे के छह मंदिरों (शिव, गणेश, हनुमान, सूर्य, मां भगवती, मां अन्नपूर्णा और शेषावतार मंदिर) का निर्माण पूरा हो गया है। साथ ही इन सभी पर ध्वजदंड और कलश भी स्थापित कर दिया गया है। परिसर के सभी 15 मंदिर अब पूरी तरह से बनकर तैयार हैं। यह जानकारी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने दी है।
उन्होंने मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी देश-दुनिया के भक्तों से सोशल मीडिया के जरिये साझा की। बताया कि 161 फीट ऊंचे राम मंदिर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। मंदिर का दूसरा तल पूरी तरह से बनकर तैयार है। अब केवल फिनिशिंग का काम चल रहा है। अगले एक पखवाड़े के भीतर यह काम भी पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया है कि सप्त मंडप के सात मंदिरों (महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषाद राज, शबरी, ऋषि पत्नी अहिल्या) का निर्माण भी पूरा हो गया है। संत तुलसीदास का मंदिर भी पूरा हो गया है। गिद्ध राज जटायु और गिलहरी की मूर्ति भी परिसर में स्थापित हो गई है। ट्रस्ट महासचिव के अनुसार दर्शनार्थियों की सुविधा और व्यवस्था से सीधे जुड़े सभी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। बताया कि ध्वजारोहण समारोह के बाद परिसर के सभी मंदिरों में श्रद्धालुओं को दर्शन मिलने लगेंगे।
तेजी से चल रहा पंचवटी का कार्य
चंपत राय ने बताया कि सड़कें और फ्लोरिंग पर पत्थर लगाने, भूमि सौंदर्य, हरियाली और 10 एकड़ में पंचवटी का काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा साढ़े तीन किलोमीटर लंबी बाउंड्रीवॉल, ट्रस्ट कार्यालय, अतिथि गृह और सभागार का निर्माण भी चल रहा है। ये निर्माण कार्य ध्वजारोहण समारोह यानी 25 नवंबर के बाद भी जारी रहेंगे।