अयोध्या। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने डॉक्टर एबी सिंह के खिलाफ दायर परिवाद को निरस्त कर दिया है। यह परिवाद रुदौली क्षेत्र की अर्चना मिश्रा ने पथरी के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दर्ज कराया था। आयोग ने सेवा में कमी साबित न होने पर यह फैसला सुनाया।
आयोग के अध्यक्ष दयाराम और सदस्य शचींद्र नाथ की पीठ ने यह आदेश पारित किया। अर्चना मिश्रा ने ज्योति हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर के डॉक्टर एबी सिंह पर आरोप लगाया था कि उनके गाल ब्लैडर के ऑपरेशन के बाद भी दर्द बना रहा। उनका दावा था कि जांच में पेट में पथरी छूट गई और संक्रमण हो गया, जिसके बाद उन्हें 8 मार्च 2022 को दूसरे अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। पीड़िता ने 23 नवंबर 2022 को उपभोक्ता आयोग में तीन लाख रुपये इलाज खर्च, 1.75 लाख रुपये मानसिक कष्ट और 25000 रुपये मुकदमा खर्च की मांग की थी। सुनवाई के दौरान, अर्चना मिश्रा दो बार ऑपरेशन होने या अस्पताल की लापरवाही के संबंध में कोई सबूत पेश नहीं कर सकीं। न्यायालय ने परिवाद पत्र में किए गए कथनों को साबित न कर पाने के कारण इसे निरस्त कर दिया। आयोग ने मुकदमों का खर्च दोनों पक्षों को स्वयं वहन करने का भी आदेश दिया है।