अयोध्या। जिले में पेट्रोल-डीजल के बाद अब सीएनजी का भी गंभीर संकट गहरा गया है, जिससे आमजन और टैक्सी चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आपूर्ति में कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण सीएनजी पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं, जहां लोग घंटों इंतजार के बावजूद गैस नहीं भरवा पा रहे हैं। गेल इंडिया लिमिटेड की ओर से दोपहर करीब तीन बजे आपूर्ति बंद कर दिए जाने से स्थिति और बिगड़ गई है।
जिले में सीएनजी आपूर्ति की जिम्मेदारी ग्रीन गैस लिमिटेड के पास है, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम पड़ रही है। कई पंपों पर स्टॉक खत्म हो चुका है, जबकि कुछ स्थानों पर घंटों इंतजार के बाद ही सीएनजी मिल पा रही है। जानकारी के अनुसार जिले में रोजाना करीब 21 हजार किलो सीएनजी की खपत है, जबकि आपूर्ति केवल 14 से 15 हजार किलो ही हो पा रही है। यह करीब सात हजार किलो का दैनिक अंतर है, जिसके कारण पंपों पर लंबी लाइनें लग रही हैं।
सीएनजी की आपूर्ति जगदीशपुर स्थित प्लांट से होती है, जहां गुजरात के मुख्य प्लांट से गैस पहुंचती है। इसके बाद मिल्कीपुर स्थित डोडो स्टेशन के जरिए अयोध्या आठ और सुल्तानपुर के एक पंप तक गैस पहुंचाई जाती है। तकनीकी समस्याओं और खराब पड़े पंपों ने भी संकट को बढ़ाया है। इससे जिले के सभी आठ सीएनजी पंपों पर संकट गहरा गया है। मऊ शिवाला का एक सीएनजी पंप खराब पड़ा है, जबकि साकेत के पंप पर भी गैस उपलब्ध नहीं है। गोसाईगंज, भरतकुंड और कुचेरा के पंपों पर भी यही स्थिति बनी हुई है।
सीएनजी संकट का सीधा असर आम लोगों और टैक्सी चालकों की रोजी-रोटी पर पड़ रहा है। उदया चौराहा पर सीएनजी भरवाने पहुंचे टैक्सी चालक विशाल प्रजापति ने बताया कि वह चार घंटे से लाइन में लगे हैं, लेकिन अब तक नंबर नहीं आया। पूरा बाजार के भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से यही हाल है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। सहादतगंज के बबन तिवारी ने भी सुबह ग्यारह बजे से इंतजार करने के बावजूद गैस न मिलने की बात कही। स्थिति इतनी गंभीर है कि एक विद्यालय की वैन भी घंटों लाइन में खड़ी रही।
ग्रीन गैस लिमिटेड की मार्केटिंग की जिम्मेदारी देख रहे प्रवीन सिंह ने बताया कि जिले में सीएनजी की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए कंपनी की ओर से अतिरिक्त प्रबंधन के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे सभी पंपों पर सुचारु रूप से सीएनजी उपलब्ध कराई जा सके। मऊ शिवाला में खराब हुए पंप को जल्द ठीक कराने और आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।