अयोध्या। मेडिकल कॉलेज में 10 दिन के भीतर ही क्रय अधिकारी बदलने के मामले में प्राचार्य ने जन सुनवाई पोर्टल पर आख्या लगाई है। इसमें उन्होंने डॉ. अवधेश कुमार के मानसिक रोग का इलाज चलने और उनके ही परिजनों की सिफारिश पर उन्हें दायित्व से मुक्त करने का दावा किया है।
राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के नवागत प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तौलिया ने नई टीम बनाना शुरू किया है। इसे लेकर पिछले करीब एक माह से तख्तापलट चल रहा है। चार फरवरी को प्राचार्य ने तत्कालीन क्रयाधिकारी रहे डॉ. मनीष वर्मा को हटाकर एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अवधेश कुमार को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके 10 दिन बाद ही कम्युनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा गुप्ता को क्रयाधिकारी बना दिया गया।
इसके बाद डॉ. अवधेश कुमार ने प्राचार्य के इस आदेश पर सवाल उठाए थे। स्वयं को हटाने की वजह पूछते हुए 17 फरवरी को आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत की थी। 23 फरवरी को प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तौलिया ने आईजीआरएस पोर्टल पर जवाब लगाया है। इसमें उन्होंने कहा कि डॉ. अवधेश कुमार के पिता व भाई प्राचार्य कार्यालय में आए थे।
उन लोगों ने उनकी अस्वस्थता के बारे में अवगत कराया था। अपेक्षा की थी कि उन्हें दायित्वों से मुक्त रखा जाए, ताकि उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिल सके। उन्होंने डॉ. वैभव से उनके इलाज की जानकारी दी थी। उनकी अर्हता के संबंध में लिखित आपत्ति नहीं जताई गई है। वह चाहते हैं कि डॉ. अवधेश शीघ्र ही स्वस्थ होकर नियुक्ति पत्र में निहित कर्तव्यों का सामान्य रूप से निर्वहन करें। वहीं, डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि उन्होंने इस आख्या पर असंतुष्टि का फीडबैक दिया है।