सरयू नगर कॉलोनी में सीवर लाइन डालने के बाद सड़क खस्ताहाल।
अयोध्या। शहर में सीवर लाइन बिछाने के लिए की गई खोदाई बारिश के बाद लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। अमृत योजना 2.0 के तहत चल रहे कार्यों की धीमी गति और लापरवाही इसका मुख्य कारण है। चित्रांशपुरम, शक्ति नगर, वजीरगंज जप्ती और सरयू नगर जैसे इलाकों में स्थिति बेहद खराब है। इससे स्थानीय जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
चित्रांशपुरम और वजीरगंज चेला छावनी में करीब छह महीने पहले सीवर कार्य शुरू हुआ था। यह कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। इससे पूरी कॉलोनी की सड़कें धंसकर दलदल में बदल गई हैं। स्थानीय निवासी रामकुमार ने बताया कि सड़क पर हर तरफ कीचड़ फैला है। बुजुर्ग और महिलाओं को आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। कई जगहों पर सड़कें धंस गई हैं और अंदर से खोखली हो गई हैं। वाहन चढ़ते ही सड़क धंस जाती है, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं।
नालों की बदहाली और गंदगी
वजीरगंज जप्ती में नालों की सफाई ठीक से न होने से समस्या और गंभीर हो गई है। बारिश के बाद नाले की गंदगी सड़कों पर फैल गई है। इससे पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्थानीय निवासी रीना देवी ने बताया कि बारिश होते ही हालात और बिगड़ जाते हैं। बदबू और गंदगी के कारण जीना मुश्किल हो जाता है।
बच्चों और पैदल यात्रियों की परेशानी
शक्ति नगर, करम अली का पुरवा और धनीराम का पुरवा में भी पैदल चलना मुश्किल है। सरस्वती पुरम में भी कीचड़ और फिसलन के कारण लोग परेशान हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। जरा सी बारिश में उनके कपड़े कीचड़ से खराब हो जाते हैं। कई बार बच्चे चोटिल भी हो जाते हैं।
करोड़ों रुपये खर्च, फिर भी लापरवाही
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सीवर व्यवस्था सुधारने का काम मुसीबत बन गया है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं दिख रहा है। सड़कों की मरम्मत और सफाई को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सैकड़ों परिवार इस गंभीर परेशानी से लगातार जूझ रहे हैं। यह लापरवाही जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है।