रुदौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली में चिकित्सकों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इसका सबसे अधिक असर इमरजेंसी सेवाओं पर पड़ रहा है। तीन चिकित्सकों के स्थानांतरण के बाद उनके स्थान पर नई तैनाती नहीं हुई है। इससे अस्पताल प्रशासन को मरीजों के उपचार में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. रवींद्र कुमार शुक्ला ने सीएमओ को पत्र भेजा है। उन्होंने अस्पताल में शीघ्र नए चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है। इससे इमरजेंसी सहित सभी स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन सुचारु रूप से हो सके। सीएचसी से डॉ. अंजू जायसवाल का जून में मिल्कीपुर स्थानांतरण कर दिया गया था। उन्होंने कार्यभार ग्रहण न कर मेडिकल अवकाश पर हैं। डॉ. वीरेंद्र कुमार का स्थानांतरण बलरामपुर जनपद हो गया है। डॉ. अभिषेक विश्वास का स्थानांतरण जिला अस्पताल बाराबंकी हो गया है। इससे इमरजेंसी ड्यूटी के साथ-साथ नियमित ओपीडी संचालन भी प्रभावित हो रहा है।
एनएच से जुड़े अस्पताल पर दबाव
सीएचसी रुदौली राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-27) से जुड़ा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोग उपचार के लिए पहुंचते हैं। सीमित चिकित्सकों के सहारे इमरजेंसी और सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन चुनौतीपूर्ण हो गया है। गंभीर मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में भी परेशानी आ रही है। चिकित्सकों की कमी के कारण शेष चिकित्सकों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ गया है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द नई तैनाती नहीं हुई तो इमरजेंसी सेवाओं पर और अधिक दबाव बढ़ सकता है।
वर्जन
चिकित्सकों की कमी के कारण इमरजेंसी सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कठिनाई हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजकर शीघ्र नए चिकित्सकों की तैनाती का अनुरोध किया गया है।
डॉ. रवींद्र कुमार शुक्ला
सीएचसी अधीक्षक, रुदौली