भेलसर। रुदौली सीएचसी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को लंबी लाइनों में लगकर घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इस वजह से सीएचसी रेफरल सेंटर बन रही है।
रुदौली सहित खंडासा, अमानीगंज, मवई, सुनबा के सैकड़ों मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं। ओपीडी लगभग 500 तक पहुंचती है। सुबह आठ से दो बजे तक रजिस्ट्रेशन होने लगा है, लेकिन चिकित्सकों की कमी से दिक्कतें हो रही हैं। यहां लेवल-एक के सात और दो के चार पद सृजित हैं। इनमें अधीक्षक समेत पांच की तैनाती है। सिजेरियन ऑपरेशन के लिए कोई विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव उपाध्याय यदा-कदा ही अस्पताल आते हैं। डॉ. अखिलेश उपाध्याय, अर्पणा कोहली को सोहावल संबद्ध किया गया है। अधीक्षक डॉ. मदन बरनवाल ने कहा कि कुछ दिनों से चिकित्सकों की कमी महसूस हो रही है। इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई है, जल्द ही तैनाती होगी।
वहीं शुजागंज के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक माह से डॉक्टर की तैनाती नहीं है। वार्डबॉय के सहारे ही यहां रोगियों को इलाज मिल रहा है। टीम ने मंगलवार को पीएचसी का जायजा लिया तो ऐसे ही हालात नजर आए। पांच के स्टाफ में से सिर्फ वार्डबॉय शिवमूर्ति मिश्रा ही मौजूद मिले। डॉक्टर और स्वीपर के तबादले के बाद तैनाती नहीं हुई। लैब टेक्नीशियन उदय प्रताप मौजूद नहीं रहे। क्षेत्र की करीब 20 हजार की आबादी इसी पीएचसी पर निर्भर है। सीएचसी रुदौली के अधीक्षक डॉ. मदन वरनवाल ने बताया कि सीएमओ को सूचना दी जा चुकी है। जल्द ही डॉक्टर की नियुक्ति की जाएगी।