अयोध्या। किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में सीएचसी मवई अव्वल है। जबकि, शहरी क्षेत्र इस मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है। वहीं, बीकापुर, खंडासा और सोहावल ने टॉप-5 ब्लॉक की सूची में जगह बनाई है।
जिले में बीते छह अप्रैल से 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीका लगाया जा रहा है। अभी जिला महिला अस्पताल और अंगूरीबाग समेत सभी ब्लॉक स्तरीय सीएचसी पर टीकाकरण हो रहा है। जिले भर में 14 वर्ष की 29,573 किशोरियों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक महज 690 किशोरियों को ही टीका लग सका है। बीते दिनों हुई समीक्षा बैठक में अपर निदेशक ने इस पर नाराजगी भी जताई थी।
हालांकि, अब तक मवई सीएचसी में सर्वाधिक 101 किशोरियों ने टीका लगवाया है। इसके बाद सीएचसी बीकापुर में 78, खंडासा में 76, सोहावल में 74, मिल्कीपुर में 71 और पूराबाजार में 63 लाभार्थी आगे आए हैं। सबसे खराब स्थिति नगरीय क्षेत्र की है। यहां के जिला महिला अस्पताल और अंगूरीबाग केंद्र को मिलाकर सिर्फ 21 किशोरियों ने ही टीका लगवाया है।
इनसेट
हर एएनएम को 10-10 लाभार्थी पहुंचाने का लक्ष्य
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि एचपीवी वैक्सीनेशन केवल एक सामान्य टीकाकरण नहीं, बल्कि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा की मजबूत ढाल है। सभी एएनएम को अपने क्षेत्र से 10-10 किशोरियों को चिह्नित करके टीकाकरण करवाने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूलों के माध्यम से भी किशोरियों की सूची तैयार कर टीकाकरण अभियान को तेज किया जा रहा है। बताया कि एचपीवी संक्रमण महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण माना जाता है। समय पर टीकाकरण से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।