अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध आठों आरोपियों पर बुधवार को तीसरी बार भी आरोप तय नहीं हो सके। सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में पेश किया गया। आरोपियों की ओर से बचाव पक्ष ने सीसीटीवी फुटेज, ऑडियो और मंदिर में आए दान व चढ़ावे से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग की है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा को 25 जून को गिरफ्तार किया था। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम रजत वर्मा की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर चढ़ावा चोरी के समय के सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज और ऑडियो उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसके अलावा मार्च 2020 से 30 जून 2026 तक मंदिर में प्राप्त दान व चढ़ावे की रसीदें, दान की धनराशि की गणना के बाद बैंक में जमा की गई राशि की रसीदें और बैंक स्टेटमेंट भी मांगे गए हैं। विधि विज्ञान प्रयोगशाला में अपनाई गई परीक्षण प्रक्रिया का ब्योरा और सभी आठों आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल भी उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
प्रार्थना पत्र में अदालत से सभी दस्तावेज पृष्ठ संख्या के साथ उपलब्ध कराने की मांग की गई है। भौतिक रूप से दस्तावेज उपलब्ध कराने में कोई कठिनाई होने पर उन्हें पेन ड्राइव के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में देने का अनुरोध भी किया गया है। न्यायाधीश रजत वर्मा ने प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के लिए चार नवंबर की तारीख नियत की है।