अयोध्या। भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पांच लाख रुपये हड़पने व फर्जी नियुक्ति पत्र देने के मामले में चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का आदेश हुआ है। यह आदेश अपर सिविल जज (सी.डि.) द्वितीय/एसीजेएम स्वर्ण माला सिंह ने पीड़िता की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के बाद पारित किया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार थाना क्षेत्र महाराजगंज के अमौनी निवासिनी ऊषा देवी का बेटा दीपक बेरोजगार था। विवेक शुक्ला ने भारतीय रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे। ऊषा ने अपना खेत गिरवी रखकर विवेक के खाते में रुपये जमा कराए। विवेक व उसकी बहन रिया शुक्ला, कथित डीआरएम रेलवे एपी सिंह व अरविंद ने मिलकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करा दिया। उनके पुत्र की विभागीय परीक्षा भी कराई गई। कूट रचित परीक्षा फल भी घोषित कराया गया, लेकिन नौकरी नहीं मिली तो छानबीन कराई गई।
विभागीय अधिकारियों से जानकारी मिली कि जारी किया गया नियुक्ति पत्र फर्जी है। पीड़िता ने नौकरी के नाम पर रुपये हड़पने के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए महिला आयोग सहित कई अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने पुलिस को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करके एक सप्ताह में सूचना देने का आदेश जारी किया है।