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Ayodhya: सनातन विरोधियों का होगा बहिष्कार, विपक्ष की राजनीति पर निशाना; चंपत की ट्रस्ट में वापसी की वकालत

Fri, 24 Jul 2026 07:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई।
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अयोध्या का राम मंदिर। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मणिराम दास छावनी में बृहस्पतिवार को आयोजित संत मंडल की बैठक में संतों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर विपक्ष की राजनीति पर निशाना साधा। साथ ही श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई। बैठक में सनातन धर्म और राम मंदिर के खिलाफ कथित दुष्प्रचार का विरोध करने तथा दोषमुक्त होने की स्थिति में चंपत राय को ट्रस्ट में पुनः जिम्मेदारी देने की मांग भी उठी।

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बैठक की अध्यक्षता कर रहे मणिराम दास की छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास ने कहा कि जो लोग सनातन धर्म, राम मंदिर और संत समाज को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ऐसे लोगों को किसी भी धार्मिक मंच पर स्थान नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या के सभी प्रमुख धार्मिक आयोजनों में भगवान रामलला को केंद्र में रखकर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।  

चंपत राय बरी होकर फिर संभालेंगे जिम्मेदारी
अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता एवं हनुमानगढ़ी के महंत संजय दास ने बैठक में कहा कि चंपत राय पर लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं होंगे। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि "चंपत राय बरी होकर आएंगे और अपने पद पर पुनर्स्थापित होंगे।" उन्होंने कहा कि संत समाज उनके साथ मजबूती से खड़ा है और अंतिम निर्णय एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर होना चाहिए।
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टकसाल से करार रहेगा जारी
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट दान में मिलने वाले सोने और चांदी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार की टकसाल (मिंट) के साथ अपना करार आगे भी जारी रखेगा। ट्रस्ट ने इस कार्य के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक संस्था इंडिया गवर्नमेंट मिंट के साथ एमओयू किया है, जिसके तहत मंदिर को प्राप्त होने वाले बहुमूल्य धातुओं की वैज्ञानिक तरीके से जांच और प्रमाणन कराया जाता है। पहले चरण में करीब 20 किलो चांदी और 13 किलो सोने की शुद्धता की जांच टकसाल में कराई जा चुकी है। 

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