अयोध्या। कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए लाई गई छह बोतल क्रशर मशीनें पिछले तीन माह से उपयोग का इंतजार कर रही हैं। स्टेशन परिसर में रखी इन मशीनों का अभी तक इंस्टॉलेशन नहीं हो सका है। यह पहल शुरू होने से पहले ही ठप हो गई है।
स्टेशन पर प्रतिदिन हजारों यात्री आते-जाते हैं। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में प्लास्टिक की पानी की बोतलें उपयोग के बाद इधर-उधर फेंक दी जाती हैं। ऐसी स्थिति में बोतल क्रशर मशीनों से प्लास्टिक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण होने और स्टेशन परिसर में फैले प्लास्टिक कचरे को कम करने की उम्मीद थी। लेकिन मशीनें अभी तक पैक अवस्था में ही पड़ी हैं और उनका उपयोग शुरू नहीं हो पाया है।
स्टेशन अधीक्षक पीआर मीणा ने बताया कि मशीनें स्टेशन पर पहुंच चुकी हैं, लेकिन इनके इंस्टॉलेशन और संचालन के संबंध में अभी तक उच्च स्तर से कोई स्पष्ट निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। जैसे ही आवश्यक आदेश मिलेंगे, मशीनों को स्थापित कर चालू करा दिया जाएगा। फिलहाल स्थिति यह है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए लाई गई छह बोतल क्रशर मशीनें तीन माह बाद भी स्टेशन के एक हिस्से में रखी हैं और उनके संचालन की कोई समयसीमा तय नहीं हो सकी है।