अयोध्या। ''''बीथीं सकल सुगंध सिंचाई, गजमनि रचि बहु चौक पुराई। नाना भांति सुमंगल साजे, हरषि नगर निसान बहु बाजे।'''' लंका पर विजय प्राप्त करके प्रभु श्रीराम के अयोध्या आगमन के समय की मानस की ये चौपाइयां रामनगरी में फिर जीवंत हो उठी हैं। गुरुवार को नयाघाट, लता मंगेशकर चौक से लेकर समूची अयोध्या में ऐसे ही दृश्य रामनगरी की शोभा को और अलौकिकता देते दिखे।
श्रीरामलला के गर्भगृह में विराजमान होने में तीन दिन शेष हैं। ऐसे में रामरस के पान को हर कोई लालायित है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आस्था के सागर में डुबकी लगाने उमड़ पड़े हैं। गुरुवार की दोपहर सीतापुर के राणी सती मंदिर से लड्डू गोपाल लेकर श्रद्धालुओं का जत्था गाजे-बाजे के साथ नयाघाट पहुंचा। इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। जत्थे का नेतृत्व कर रहे मनीष लाठ ने कहा कि 500 वर्षों का संघर्ष पूरा हुआ है। हर सनातनी के लिए यह गर्व की बात है। उन्हें भी यहां पहुंचने का मौका मिला, यह उनका सौभाग्य है। बताया कि ये लड्डू गोपाल वह श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को सौंपेंगे। शिल्पी लाठ ने कहा कि अयोध्या की अलौकिकता पास से देखकर ह्रदय गदगद है। आशा गुप्ता, सीमा अग्रवाल ने कहा कि जीवन सफल लगने लगा है।
नयाघाट की तरफ बढ़ने पर भजन-कीर्तन के साथ रामधुन पर एक युवा व वृद्ध भक्तिरस में डूबे झूमते दिखे। लता चौक पर बनी विभिन्न प्रकार की रंगोलियों पर सेल्फी लेने की होड़ दिखी। बिहार से आईं वृद्धा तारा ने कहा कि कई वर्ष बाद अयोध्या पहुंचे तो यह एकदम से बदल गई है। लगने लगा है कि राम आ रहे हैं। इसी तरह जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोग सुधबुध खोकर बस राम-राम रटते ही नजर आए।